“अंधेरी आंखों में फिर जगी रोशनी की उम्मीद! इनर व्हील क्लब ऑफ सनशाइन ने बढ़ाया मदद का हाथ, सोनी का मोतियाबिंद ऑपरेशन और बबली के इलाज की संभाली जिम्मेदारी”
जरूरतमंदों की मदद ही सच्ची सेवा है—इसी सोच के साथ इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन लगातार मानव सेवा के कार्यों में जुटा है।

“अंधेरी आंखों में फिर जगी रोशनी की उम्मीद! इनर व्हील क्लब ऑफ सनशाइन ने बढ़ाया मदद का हाथ, सोनी का मोतियाबिंद ऑपरेशन और बबली के इलाज की संभाली जिम्मेदारी”
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : जरूरतमंदों की मदद ही सच्ची सेवा है—इसी सोच के साथ इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन लगातार मानव सेवा के कार्यों में जुटा है। क्लब की पहल से आर्थिक रूप से कमजोर सोनी देवी को नई रोशनी की उम्मीद मिली, जबकि बबली देवी के बेहतर नेत्र उपचार की जिम्मेदारी भी क्लब ने अपने हाथों में ली है।

सोनी देवी लंबे समय से मोतियाबिंद की समस्या से परेशान थीं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके लिए ऑपरेशन कराना मुश्किल था। ऐसे समय में इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने मदद के लिए आगे आते हुए रोटरी आई हॉस्पिटल में उनका सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन कराया। इस कार्य में क्लब की पास्ट प्रेसिडेंट सुमन गौरी सरिया का विशेष सहयोग रहा।
वहीं, करीब एक सप्ताह पहले बबली देवी की आंखों की रोशनी अचानक कम होने पर उन्होंने क्लब की प्रेसिडेंट राखी झुनझुनवाला से संपर्क किया। क्लब की ओर से तत्काल रोटरी आई हॉस्पिटल में उनकी जांच और आवश्यक उपचार कराया गया। चिकित्सकीय जांच के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें धनबाद रेफर किया गया है।

बबली देवी के आगे के इलाज की व्यवस्था और समन्वय की जिम्मेदारी भी प्रेसिडेंट राखी झुनझुनवाला द्वारा संभाली जा रही है। फिलहाल चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उन्हें आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध कराई गई हैं।
इस मौके पर प्रेसिडेंट राखी झुनझुनवाला ने पास्ट प्रेसिडेंट सुमन गौरी सरिया के सहयोग के लिए आभार जताया। साथ ही उन्होंने डॉ. तारकनाथ देव को विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि जरूरतमंद मरीजों के इलाज में उनका सहयोग लगातार मिलता रहा है।
क्लब की ओर से कहा गया कि इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन जरूरतमंद लोगों की सहायता और सेवाभावी कार्यों के लिए हमेशा तत्पर रहेगा।
इस अवसर पर पास्ट प्रेसिडेंट सुमन गौरी सरिया, ट्रेजरर रश्मि गुप्ता सहित क्लब के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
सेवा की यह पहल न सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए उपचार का सहारा बनी, बल्कि उनके जीवन में बेहतर स्वास्थ्य और नई उम्मीद की किरण भी लेकर आई।




