हजारीबाग में पटाखे की बिक्री पर जिला प्रशासन का कड़ा रुख
दीपावली दीप और पटाखों का पर्व है ऐसे में दीपावली से संबंधित पूजा के सामग्री दीपक ,दीपक जलाने के सामग्री और कई तरह के आवाज करने वाले एवं लाइट वाले पटाखे की बिक्री जोरों पर रहती है।

हजारीबाग में पटाखे की बिक्री पर जिला प्रशासन का कड़ा रुख
हजारीबाग : दीपावली दीप और पटाखों का पर्व है ऐसे में दीपावली से संबंधित पूजा के सामग्री दीपक ,दीपक जलाने के सामग्री और कई तरह के आवाज करने वाले एवं लाइट वाले पटाखे की बिक्री जोरों पर रहती है। बच्चों से लेकर बड़ों तक में दीपावली को लेकर उत्साह चरम पर रहता है , पटाखों के लिए मचलते बच्चों के सामने अभिभावक भी बेबस रहते हैं और परिवार की खुशी के लिए पटाखे खरीदे जाते हैं।

लोग कहते हैं कि काफी एतिहात बरतना चाहिए पटाखे को जलाने में खतरा बहुत है लेकिन लोग दीपावली के मौके पर जलते जरूर हैं ऐसे में दीपावली में पटाखे की कितनी अहमियत है यह आपको समझ में आ गया होगा l ऐसे में जिला प्रशासन हजारीबाग की ओर से जिस तरह पटाखे की बिक्री के लिए लाइसेंस दिए जा रहे हैं और इतने कड़े नियम कानून बनाए गए हैं की आधे से ज्यादा हजारीबाग के थोक और खुदरा पटाखे बेचने वाले इस बार अपना धंधा बंद कर लिए हैं
कुछ लोग हिम्मत करके पटाखे मंगवाए हैं लेकिन उनका कहना है कि काफी कम मंगवाए हैं न जाने कौन से नियम कानून के तहत कब प्रशासन का डंडा चल जाए और बड़ा नुकसान हो जाए क्योंकि पटाखे के धंधे में बिक्री नहीं होने पर पटाखे को लौटाया नहीं जाता है। जिला प्रशासन की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी सदर के द्वारा विशेष निगरानी रखी जा रही है।
पटाखों के कारण कोई हादसा ना हो और यदि हो भी तो तत्काल काबू पाया जा सके इसके लिए दमकल विभाग को विशेष सतर्कता रखना को कहा गया है साथ ही लोगों से भी सावधानी से पटाखे जलाने और पर मनाने की नसीहत और अपील प्रशासन के द्वारा की गई है।

