साइबर क्राइम की तरह देश के किसी प्रान्त व जिला के वाहन सम्बंधित कार्य होने लगें हैं
अधिकारियों के आंख में धूल झोंकने के लिये दो नम्बर का धंधा करने वाले शातिर धंधेबाज अब साइबर अपराध की तरह वाहन के चालान, परमिट,फिटनेस , इंशोरेंस ,पीयूसी , यंहा तक कि आरसी डाउन लोड कर अपलोड कर लेते हैं

साइबर क्राइम की तरह देश के किसी प्रान्त व जिला के वाहन सम्बंधित कार्य होने लगें हैं , महज पांच हजार में,मियाद मात्र दो माह
निरसा : अधिकारियों के आंख में धूल झोंकने के लिये दो नम्बर का धंधा करने वाले शातिर धंधेबाज अब साइबर अपराध की तरह वाहन के चालान, परमिट,फिटनेस , इंशोरेंस ,पीयूसी , यंहा तक कि आरसी डाउन लोड कर अपलोड कर लेते हैं जैसे कागजात अपने बचाव के लिये चीन के साइबर अपराधियों से मिलकर तैयार करते हैं । भरोसेमंद सूत्र के अनुसार हाईवा के इंशोरेंस में जंहा पचास हजार रुपये से अधिक लगते हैं ।

वही धंधेबाज चीन के साइबर अपराधी से मिलकर पांच हजार में इंशोरेंस करा लेता है और चेकिंग के दौरान बच निकलता हैं । सूत्र ने यह भी दावा किया है कि उक्त तैयार कागजात मात्र दो महीना ही भेलीड रहता है ,और दो महीना बाद प्रिंटेड कागज की लिखावट अपने आप खत्म हो जाती है । कोड़ा कागज जैसा हो जाता है । जैसा कि एटीएम से पैसा निकालने के बाद जो पर्ची निकलती है निश्चित अवधि के बाद भैनिष हो जाता है । यह कार्य धड़ल्ले से किया जा रहें हैं । यह कार्य परिवहन विभाग के भेंडर से सम्भव हो रहा है । साइबर अपराध में जंहा जनता पीस रही है वंही वाहन साइबर अपराध में सरकार को लाखों नही करोड़ों का चूना लग रहा है । सरकार व परिवहन विभाग को चाहिए कि साइबर अपराध की तरह वैसे भेंडर को जो इस कार्य मे लिप्त हैं चिन्हित कर सख्त करवाई करे अन्यथा साइबर अपराध की तरह नासूर बन जायेगा ।
परिवहन के साइबर अपराधी (भेंडर) वाहन मालिकों को अपने जाल में फंसाने हेतु अपने मोबाइल के स्टेटस में इसलिये डाल रहे हैं की आइए आपका काम आसानी से हो जाएगा




