मधुबन पेयजलापूर्ति योजना 30 मई से होगी शुरू, मंत्री सुदीव्य कुमार के निर्देश पर कार्य पूरा l
गिरिडीह के मधुबन क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से बाधित मधुबन पेयजलापूर्ति योजना अब फिर से शुरू होने जा रही है।

मधुबन पेयजलापूर्ति योजना 30 मई से होगी शुरू, मंत्री सुदीव्य कुमार के निर्देश पर कार्य पूरा l
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : गिरिडीह के मधुबन क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से बाधित मधुबन पेयजलापूर्ति योजना अब फिर से शुरू होने जा रही है। मंत्री सुदीव्य कुमार की पहल और लगातार मॉनिटरिंग के बाद विभाग ने सभी तकनीकी कार्य पूरे कर लिए हैं। 30 मई से योजना को पुनः सुचारू रूप से चालू कर दिया जाएगा।

उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की टीम ने युद्धस्तर पर काम करते हुए खराब मशीनों, पाइपलाइन और तकनीकी उपकरणों की मरम्मत की। विभागीय अधिकारियों के अनुसार एजेंसी द्वारा तकनीकी मानकों का सही पालन नहीं किए जाने के कारण जलापूर्ति प्रभावित हुई थी, जिससे मधुबन क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
“योजना से जुड़े सभी तकनीकी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। 30 मई से पेयजलापूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी। विभाग की प्राथमिकता आम लोगों को निर्बाध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।”

मंत्री सुदीव्य कुमार के निर्देश के बाद 24 अप्रैल से ही मरम्मत और तकनीकी सुधार का काम शुरू कर दिया गया था। विभाग की लगातार निगरानी में पूरी व्यवस्था को दुरुस्त किया गया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी योजना की नियमित मॉनिटरिंग और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा ताकि लोगों को दोबारा परेशानी न हो।
भीषण गर्मी को लेकर सरकार सतर्क, जगह-जगह प्याऊ और पेयजल सुविधा

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यभर में आम लोगों को राहत देने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों के प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।

उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में जुटे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में अस्थायी और स्थायी प्याऊ केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि राहगीरों और आम नागरिकों को गर्मी में राहत मिल सके।
जिला प्रशासन का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान आम लोगों को पेयजल संकट से बचाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और सभी पेयजल योजनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।




