बसंती दुर्गा पूजा के अबसर पर जुड़ी गांव में माताजी आश्रम का सत्संग आयोजित।
हरवर्ष की भांति इस वर्ष भी जुड़ी गांव में बसंती दुर्गा पूजा के शुभ अबसर पर दिनांक 25 मार्च को संध्या 7 बजे माताजी आश्रम का सत्संग का आयोजन हुआ

बसंती दुर्गा पूजा के अबसर पर जुड़ी गांव में माताजी आश्रम का सत्संग आयोजित।
अभिजीत सेन।
जामशेदपुर/पोटका
हरवर्ष की भांति इस वर्ष भी जुड़ी गांव में बसंती दुर्गा पूजा के शुभ अबसर पर दिनांक 25 मार्च को संध्या 7 बजे माताजी आश्रम का सत्संग का आयोजन हुआ . इस अबसर पर कमल कांति घोष ने रामकृष्ण कथामृत पाठ किया. उन्होंने कहा,,, भगवान कण कण में है. मूर्ति में भी भगवान निवास करते है.

अगर हम निष्ठा और भक्ति के साथ भगवान की पूजा करें तो भगवान की प्राप्ति हो सकती है. शंकर चंद्र गोप ने माँ सारदा की जीवनी पाठ किया. उन्होंने कहा,,, बसंती दुर्गा पूजा ही असली दुर्गा पूजा है जिसकी शुरुआत राजा सूरत ने की थी. लेकिन हमारे समाज में इस पूजा का प्रचालन ज्यादा नहीं है.
हरेकृष्ण साहू ने कविता के माध्यम से सभी भक्तजनों को बसंती दुर्गापूजा की शुभकामनायें दी तथा जुड़ी गांव में बसंती दुर्गापूजा के संस्थापक स्वर्गीय अंचल कुमार भट्टाचार्य को श्रद्धांजलि दी . इस अबसर पर माँ दुर्गा का भजन कीर्तन हुआ जिसमें सुनील कुमार दे, तरित मण्डल, कमल कांति घोष, भास्कर चंद्र दे, प्रवीर दास, श्रेया पाल आदि ने भाग लिया.अंत में हरिनाम संकीर्तन किया गया.
सत्संग का संचालन सुनील कुमार दे ने किया. इस अबसर पर कृष्ण पद मण्डल, तरुण दे, तपन दे, अमल बिस्वास, निताई महाकुड़, सुधीर सरदार, नील कमल पाल, मधुसूदन भट्टचार्ज, कविता भट्टाचार्य, सावित्री गोप, स्वपन मण्डल, आशीष बनर्जी के अलावे गांव के भक्त और महिलाये उपस्थित थे।




