दीपावली पर हजारीबाग अग्निशमन विभाग कितना मुस्तैद
दीपावली में जहां पटाखे जलाए जाते हैं वहां सतर्कता भी जरूरी है । दीपावली में पटाखे जलाए जाने के कारण हादसे होने की भी आशंका प्रबल रहती है।

दीपावली पर हजारीबाग अग्निशमन विभाग कितना मुस्तैद
हजारीबाग : दीपावली में जहां पटाखे जलाए जाते हैं वहां सतर्कता भी जरूरी है । दीपावली में पटाखे जलाए जाने के कारण हादसे होने की भी आशंका प्रबल रहती है। देश के कई कोनों में हृदय विधायक घटनाएं आज के कारण घट चुकी हैं। ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए अग्नि से बचाव जरूरी है।

पिछले वर्ष धनबाद में घटी घटना के बाद हजारीबाग में भी तत्कालीन उपायुक्त नैंसी सहाय के द्वारा अग्निशमन विभाग हजारीबाग को विशेष निर्देश जारी किए गए और हजारीबाग के सभी होटल, मॉल, नर्सिंग होम ,अस्पताल एवं अन्य ऊंचे इमारत में अग्निशमन की व्यवस्था की चेकिंग हेतु लगाया गया।
अग्निशमन विभाग को लगभग जगह पर अनियमितताएं मिली । इसके बाद हजारीबाग अग्निशमन विभाग ने एनओसी देने का अभियान चलाया, जिसमें सभी को एनओसी लेना अनिवार्य कहा गया । हजारीबाग अग्निशमन विभाग की काबिलियत यहां दिखाई दी कि उन्होंने उपायुक्त के निर्देश को अवसर में तब्दील कर दिया। सभी लोगों ने एनओसी तो लिया लेकिन वह खानापूर्ति था ।
यदि आज के तारीख में अधिकारियों की टीम बनाकर पूरे मामले की जांच की जाए तो समझ में आ जाएगी की एनओसी देने की जो प्रक्रिया अपनाई गई थी वह कितनी खोखली थी । कुछ अस्पताल, बैंक और मॉल को छोड़ दें , तो शायद ही कहीं अग्निशमन की बेहतर व्यवस्था रखी गई है ।
ऐसी स्थिति में यदि हादसे होते हैं तो वह भयावह रूप ले लेंगे इसमें भी कहीं कोई दो राय नहीं है। जरूरत है अग्निशमन विभाग को ईमानदारी से सभी जगह की जांच किए जाने और विशेष दिशा निर्देश जारी किए जाने की ताकि दिवाली में जो आशंकाएं हैं उससे बचाव भी हो सके और अग्निशमन विभाग को पूरी तरह से दिवाली के इस मौके पर मुस्तैद रहने की ताकि यदि कहीं कोई हादसा होता है तो तत्काल आग पर काबू पाया जा सके और लोगों की जान माल की क्षति होने से बचाया जा सके।



