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दिवाली में मिठाई खाएं जहर नहीं

हजारीबाग में दिवाली को लेकर खाद्य सामग्रियों की दुकानें सज गई है । जहां एक और होटल और फुटपाथ पर रंग-बिरंग की मिठाइयां सजाई गई हैं

दिवाली में मिठाई खाएं जहर नहीं

हजारीबाग : हजारीबाग में दिवाली को लेकर खाद्य सामग्रियों की दुकानें सज गई है । जहां एक और होटल और फुटपाथ पर रंग-बिरंग की मिठाइयां सजाई गई हैं ,वहीं सुरक्षा मानकों को भी नजरअंदाज किया गया है.। जिस तरह खुले में मिठाइयां रखकर बेची जाती हैं, उस से मिठाइयों पर धूल और गंदगी जमने की शिकायतें हो जाती है ।

हजारीबाग खाद्य सुरक्षा अधिकारी की जो उदासीन रवैया है, उसके कारण खाद्य सामग्रियों में मिलावट करने वाले दुकानदारों की चांदी हो गई है । उनका मनोबल इतना बढ़ गया है की एक नंबर खाद्य सामग्री अथवा मिठाइयां मिलना मुश्किल जान प्रतीत होता है। हजारीबाग में पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी के अधीन होते थे,

तो उनकी कार्यशैली कुछ अलग होती थी, वहीं अब जब से उन्हें सिविल सर्जन कार्यालय के अधीन किया गया है तब से, कार्यशैली में लापरवाही दिख रही है। मिठाई अथवा खाद्य सामग्रियों के दुकानदारों के यहां समय-समय पर जांच हो अथवा नहीं हो लेकिन उन्हें लगातार मिलते रहने की हिदायत जरूर दी जा रही है।

हजारीबाग में शुरुआती दौर में खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक मंजूर हुसैन के द्वारा जांच अभियान तेजी से चलाया गया लेकिन बाद में वह भी शिथिल पड़ गई। जबकि पूर्व के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजना मेंस एवं प्रकाश घुग्गी के द्वारा हजारीबाग के लगभग छोटे से लेकर बड़े होटलों तक में जांच अभियान चलाकर खाद्य सामग्रियों के गुणवत्ता को बेहतर करने का प्रयास किया गया था ,लेकिन आज स्थितियां उस दौर से अलग है ।

लोगों की शिकायतें दूसरे रूप ले लिए जाते है और खाद्य सामग्री सुरक्षा अधिकारी के चांदी हो जाते हैं। टेलिफोनिक सूचना कै इस दौर में जब कॉल किया जाता है तो खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक मंजूर हुसैन के द्वारा कॉल नहीं उठाया जाना भी लोगों के लिए परेशानी का सबब है । ऐसे में जरूरत है हजारीबाग सिविल सर्जन साहब को इस पर ध्यान देने और लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के ऊपर नकेल कसे जाने की ताकि बेहतर स्वास्थ्य जिले को हेल्दी बना सके ।

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