Breaking Newsझारखण्डटेक्नोलॉजीताजा खबरदुनियादेशराजनीतिलाइफस्टाइललाइव न्यूज़

डीवीसी कैजुअल मजदूर संघ की बैठक मैथन आजाद नगर में हुई जिसमें DVC कैजुअल मजदूर संघ के द्वारा विभिन्न मांगों पर चर्चा किया गया

डीवीसी कैजुअल मजदूर संघ की बैठक मैथन आजाद नगर में हुई जिसमें DVC कैजुअल मजदूर संघ के द्वारा विभिन्न मांगों पर चर्चा किया गया इस महत्वपूर्ण बैठक में मजदूर संघ के द्वारा निरसा के लोकप्रिय विधायक माननीय अरूप चटर्जी जी को बुलाया,

डीवीसी कैजुअल मजदूर संघ की बैठक मैथन आजाद नगर में हुई जिसमें DVC कैजुअल मजदूर संघ के द्वारा विभिन्न मांगों पर चर्चा किया गया

निरसा : मैथन आज डीवीसी कैजुअल मजदूर संघ की बैठक मैथन आजाद नगर में हुई जिसमें DVC कैजुअल मजदूर संघ के द्वारा विभिन्न मांगों पर चर्चा किया गया इस महत्वपूर्ण बैठक में मजदूर संघ के द्वारा निरसा के लोकप्रिय विधायक माननीय अरूप चटर्जी जी को बुलाया, विधायक जी जैसे ही मैथन बैठक में पहुंचे वहां के कैजुअल मजदूर संघ महिला पुरुषों ने विधायक जी को फूलों का गुलदस्ता पाट्टा देकर सम्मानित किया, बैठक में उपस्थित कैजुअल कर्मचारी गण के द्वारा एक-एक कर सारा बात विधायक जी के समक्ष रखा,
जो निम्न प्रकार है

डीवीसी का जो रवैया चल रहा है उसको लेकर जानकारी दी, डीवीसी कैजुअल मजदूर संघ के द्वारा निम्नलिखित बात कही गई हम दामोदर घाटी निगम डीबीसी के अंतर्गत पिछले 25 वर्ष या उससे अधिक समय से कर्ज हो तो कैजुअल दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी डीवीसी प्रबंधन द्वारा अपनाई जा रही भेदभाव पूर्ण और अन्याय पूर्ण नीतियों की और आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं जिसके कारण परियोजना क्षेत्र के कर्मचारियों में व्यापक आकर के अशान्ति प्राप्त है जब डीवीसी क्वार्टर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का काम शुरू हुआ था तो हम आकस्मिक कर्मचारियों ने इस डर से आपत्ति जताई थी कि इससे वास्तविक खपत के आधार पर शुल्क बढ़ जा सकता है उसी समय तत्कालीन परियोजना प्रमुख श्री एक दुबे ने हमें व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया था कि स्मार्ट मीटर आकस्मिक या दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों पर लागू नहीं होने होगा, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि मीटिंग प्रणाली केवल स्थाई कर्मचारियों के लिए ही लागू की जाएगी उनके मौखिक आश्वासन पर भरोसा करते हुए हमने अपनी आपत्तियां वापस ले ली और हमें आवंटित सभी आवासियों क्वार्टर में स्मार्ट मीटर लगा दिए गए शुरुआत से ही हमारे वेतन से सीधे 100 पति मा की एक समान दर से बिजली का बिल काटा जाता रहा है

हालांकि हमें यह देखकर बहुत आश्चर्य हुआ की जून 2025 में बिना किसी पूर्व सूचना के हमारे कई बिजली कनेक्शन काट दिए गए और प्रबंधन द्वारा 92444.62 का बकाया बिल दिखाया जा रहा है मामूली वेतन पाने वाले दैनिक वेतन भोगी कैजुअल कर्मचारियों के रूप में हमारे लिए इतनी अचानक और भारी भरकम राशि का भुगतान करना असंभव है हमने प्रबंधन से अनुरोध किया कि वह पहले की समान 100 रूपया प्रति माह बिजली का बिल रखें हमने यह भी अपील की की बिजली उत्पादन प्राधिकरण होने के नाते डीवीसी द्वारा अपने सबसे कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के साथ बाहरी उपभोक्ताओं के समान व्यवहार करना अनैतिक और अनुचित दोनों है, स्थाई कर्मचारियों को ₹1200 प्रति माह बिजली भत्ता दिया जाता है जबकि हम सीधे डीवीसी में भी काम कर रहे हैं लेकिन हमें ऐसा कोई बात का नहीं मिलता डीवीसी जो स्वयं बिजली उत्पादन करता है और आज भारत के सबसे लाभकारी संस्थानों में से एक बन चुका है इसकी इस सफलता के पीछे हम सभी श्रमिकों की बरसों की मेहनत और योगदान है लेकिन दुख की बात यह है कि इस डीवीसी द्वारा हमें बाहरी उपभोक्ताओं के समान व्यवहार दिया जा रहा है मानो हम इस संस्था के अपने नहीं पराए हो यह व्यवहार न केवल पीड़ा दायक है बल्कि हमारे आत्मसम्मान को भी गहरी ठेस पहुंचती है डीवीसी एक सशक्त निकाय होने के नाते अवसर केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों को तभी लागू करता है जब प्रबंधन के लिए सुविधाजनक या लाभदायक हो इस मामले में उन्होंने बिलिंग नीति को सही ठहरने के लिए केंद्रीय मानदंडों को हवाला दिया है लेकिन वीडियो बना यह है कि जब वेतन भुगतान की बात आती है तो निगम अपने विवेक के अनुसार वेतन तय करता है लाइन रखरखाव कार्यालय कार्य और समूह सी और डी कर्मचारियों के समक्ष कर्तव्य जैसी मुख्य सेवाओं में लगे होने के बावजूद हमें केवल 17000 प्रति माह का भुगतान किया जाता है जबकि अप्रत्यक्ष आपूर्ति श्रमिकों को लगभग 45000 का भुगतान किया जाता है पिछले दो वर्षों के द्वारा केंद्र सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग( Dopt) no, 490 14/ 5/19 दिनांक 13 /2/ 2020 के अनुसार हमें भुगतान को संशोधित करने के लिए प्रबंधन के साथ कई बार चर्चा हुई लेकिन प्रबंधन ने आज तक हमारे अनुरोध पर विचार नहीं किया यह भेदभाव नीतियां न केवल अन्याय पूर्ण है, बल्कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को जो डीवीसी के जमीनी संचालन रीढ है , मनोबल गिराने वाली है, मनमानी नीतियों पारदर्शिता की कमी और अ सम्मान व्यवहार की वर्तमान स्थिति में कर्मचारियों ने गहरी निराशा और बेचैनी पैदा कर दी है,
हमें आपसे विनम्र निवेदन है कि इस मामले में न्याय, व्यवहार एकरूपता और डीवीसी के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करें और पूर्व की तरह प्रति माह ₹100 रूपया समान दर से बिजली का बहाल बिल बहाल करें हमें विश्वास है कि आपका सहयोग इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन के कार्यकाल में निष्पक्षता और सद्भाव बहाल करने में मदद कर सकता है l
इसी तरह एक लेटर धनबाद उपायुक्त को भी दिया गया हे l
मौकेपर:- विधायक प्रतिनिधि कृष्णेन्दु मजूमदार जी, मुखिया मनोज राउत जी चंडीचरण चक्रवर्ती जी श्यामल बाउरी जी कैलाश पासवान जी कामेश्वर सिंह जी अभय यादव तरुण रुद्रा धर्मेंद्र सिंह सदन महतो शिव शंकर चौधरी सरजू मरांडी उमेश रवानी विजय चौबे देवानंद महतो,
महिला मोर्चा की ओर से:- शांति देवी मंजू देवी प्रीति देवी दीपा यादव मौसमी चटर्जी तब्बू देवी और भी अनेक मौजूद थे l

Related Articles

Back to top button