टीम, पी एस एफ अपनी दसवीं बरसे गांठ के साथ ही 15 नवंबर को एक इमरजेंसी मेडिकल फंड बैंक की स्थापना करने जा रहा, जो कि 14 अप्रैल 2026 से कार्य करना शुरू कर देगा।
टीम पीएसएफ यानी प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन अपने दसवीं वर्षगांठ साथ ही साथ झारखंड स्थापना के 25 बें वर्ष यानी सिल्वर जुबली पर दिनांक 15 नवंबर को टीम पीएसएफ एक एमरजेंसी मेडिकल फंड बैंक की स्थापना करने जा रहा ,जो आने वाले 14 अप्रैल 2026 से कार्य करना शुरू कर देगा।

टीम, पी एस एफ अपनी दसवीं बरसे गांठ के साथ ही 15 नवंबर को एक इमरजेंसी मेडिकल फंड बैंक की स्थापना करने जा रहा, जो कि 14 अप्रैल 2026 से कार्य करना शुरू कर देगा।
अभिजीत सेन।
जमशेदपुर—-
टीम पीएसएफ यानी प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन अपने दसवीं वर्षगांठ साथ ही साथ झारखंड स्थापना के 25 बें वर्ष यानी सिल्वर जुबली पर दिनांक 15 नवंबर को टीम पीएसएफ एक एमरजेंसी मेडिकल फंड बैंक की स्थापना करने जा रहा ,जो आने वाले 14 अप्रैल 2026 से कार्य करना शुरू कर देगा।

जिससे टीम पीएसएफ से जुड़े सदस्य एवं उनके परिजनों, साथ ही साथ धरातल में गुजर बसर कर रहे जरुरतमंदों को इसका लाभ मिलेगा. इस एमरजेंसी मेडिकल फंड बैंक के तहत सदस्यों एवं उनके परिजनों को जरुरत पर रक्त के प्रोसेसिंग शुल्क, लोकल एम्बूलैंस सेवाएं, सदस्य या परिजनों के किसी के भी मृत्यु होने पर, धर्म रीति रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार का शुल्क, पूर्णतया ये फंड बैंक वहन करेगा। जो नन रिफंडेबल होगा।

किसी भी आपातकालीन परिस्थितियों में अस्पताल में भर्ती करवाते समय लगने वाले एडमिशन शुल्क, सदस्यों की सक्रियता को देखते हुए इलाज में राहत भी यही फंड बैंक वहन करेगा। परन्तु उस वक्त लगने वाले राशि को, एक तय सीमा पर फंड बैंक में जमा करवाना होगा। इस बार टीम पीएसएफ ने अपना वर्षगांठ को झारखंड स्थापना दिवस के सिल्वर जुबली वर्ष एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के नाम पोटका के सुदूरवर्ती कोराकोचा गांव में गुजर बसर कर रहे लगभग 50 सबर परिवारों के लिए समर्पित किया है।

जिस गांव का भ्रमण 20 नवंबर से 25 नवंबर के बीच होना तय है। जिसमें सभी परिवारों को एक महीने का सुखा राशन, प्रति परिवार एक साड़ी, धोती, एवं एक खुशियाली पैक जिसमें प्लास्टिक त्रिपाल, टॉर्च लाइट, फेनाइल, कॉपी, पेंसिल, रबर, ब्रेड, भुजिया, केक, बिस्किट, फ्रूट जूस, एवं उस गांव के मुखिया के हाथों एक मेडिकल फास्ट एड बॉक्स, गांव के किसी अनुभवी एवं जानकार व्यक्ति के हाथों दवाइयां प्रदान किया जाना है।



