ज़्यादा देर तक सो जाने से लेकर बैग टांगने तक: पूर्व रेलवे ने उजागर किए अलार्म चेन पुलिंग के अजीबोगरीब कारण; मई 2026 में 86 ट्रेनों में देरी के लिए 58 लोग गिरफ्तार
हजारों यात्रियों की दैनिक दिनचर्या को बाधित करने वाली छोटी-छोटी व्यक्तिगत लापरवाहियों का चौंकाने वाला खुलासा करते हुए पूर्व रेलवे ने आज मई 2026 के दौरान हुई अलार्म चेन पुलिंग (ACP) घटनाओं से संबंधित आंकड़े जारी किए। 1 मई से 31 मई 2026 के बीच विभिन्न महत्वपूर्ण मंडलों में अनधिकृत चेन पुलिंग के कारण कुल 86 ट्रेनों को रोका गया था।

ज़्यादा देर तक सो जाने से लेकर बैग टांगने तक: पूर्व रेलवे ने उजागर किए अलार्म चेन पुलिंग के अजीबोगरीब कारण; मई 2026 में 86 ट्रेनों में देरी के लिए 58 लोग गिरफ्तार l
कोलकाता, 18 जून, 2026 : हजारों यात्रियों की दैनिक दिनचर्या को बाधित करने वाली छोटी-छोटी व्यक्तिगत लापरवाहियों का चौंकाने वाला खुलासा करते हुए पूर्व रेलवे ने आज मई 2026 के दौरान हुई अलार्म चेन पुलिंग (ACP) घटनाओं से संबंधित आंकड़े जारी किए। 1 मई से 31 मई 2026 के बीच विभिन्न महत्वपूर्ण मंडलों में अनधिकृत चेन पुलिंग के कारण कुल 86 ट्रेनों को रोका गया था। आश्चर्यजनक रूप से, इन घटनाओं के पीछे वास्तविक आपातकाल नहीं, बल्कि अत्यंत सामान्य और विचित्र व्यक्तिगत कारण जिम्मेदार पाए गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आसनसोल और हावड़ा मंडल सबसे अधिक प्रभावित रहे, जबकि मालदा और सियालदह मंडल भी इससे अछूते नहीं रहे। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की जांच में सामने आया कि यात्रियों ने वास्तविक संकट के बजाय बेहद तुच्छ कारणों से आपातकालीन चेन खींची, जिससे एक्सप्रेस ट्रेनों को मानो “मांग पर रुकने वाली निजी सेवा” में बदल दिया गया।

आरपीएफ रिकॉर्ड में दर्ज वास्तविक घटनाएं यात्रियों के व्यवहार की एक हैरान करने वाली तस्वीर पेश करती हैं। सुविधा की तलाश में आसनसोल मंडल में 4 और मालदा मंडल में 4 यात्रियों ने केवल इसलिए आपातकालीन चेन खींच दी क्योंकि ट्रेन उनके गांव या घर के पास से गुजर रही थी, जबकि निर्धारित स्टेशन पर रुकने की व्यवस्था पहले से मौजूद थी। इसी प्रकार, गहरी नींद भी व्यवधान का कारण बनी। आसनसोल में 3 और हावड़ा में 2 यात्री देर से जागे और जब उन्हें एहसास हुआ कि उनका स्टेशन निकलने वाला है, तो उन्होंने अपनी गलती सुधारने के लिए तुरंत चेन खींच दी। अनजाने में हुई गलतियों ने भी परिचालन प्रभावित किया। आसनसोल में 8 मामलों और सियालदह में 2 मामलों में यात्रियों ने गलती से एसीपी हैंडल को छू दिया। वहीं आसनसोल में 2 मामलों में यात्रियों ने अपना भारी सामान सीधे आपातकालीन लीवर पर टांग दिया, जिससे चेन सक्रिय हो गई। अत्यधिक भावुकता भी कारण बनी। आसनसोल में 2 लोगों ने अपने रिश्तेदारों को विदा करने के लिए डिब्बे में प्रवेश किया, लेकिन ट्रेन चलने से पहले उतर नहीं पाए और चेन खींच दी। इसके अलावा आसनसोल में 4 और हावड़ा में 2 यात्रियों ने गलत ट्रेन में चढ़ जाने के बाद चेन खींच दी। समय पर ट्रेन में चढ़ने या उतरने में विफल रहने के कारण भी कई घटनाएं हुईं।
आसनसोल में 4, हावड़ा में 3 और मालदा में 3 यात्रियों ने इसी वजह से एसीपी का दुरुपयोग किया। कुछ घटनाएं और भी विचित्र थीं। सियालदह में एक यात्री ने मोबाइल फोन हाथ से गिर जाने पर चेन खींच दी, जबकि हावड़ा में एक यात्री ने प्लेटफॉर्म पर अपना सामान छूट जाने के कारण ऐसा किया। मालदा में भी सामान छूटने का एक मामला सामने आया, जबकि एक अन्य यात्री ने केवल जल्दी घर पहुँचने के लिए चेन खींच दी। रिकॉर्ड में हावड़ा मंडल में एक प्रेशर ड्रॉप की घटना, अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध 6 जांचाधीन मामले, चलती ट्रेन में सैन्य कर्मियों द्वारा एसीपी लगाने की एक घटना तथा सियालदह में स्टेशन पर देर से पहुँचने के कारण ट्रेन पकड़ने के लिए चेन खींचने का मामला भी दर्ज किया गया।
इन मामूली दिखने वाली घटनाओं के कारण पूरे रेलवे नेटवर्क पर गंभीर प्रभाव पड़ा। कुल 86 ट्रेनों को रोकना पड़ा। औसतन प्रत्येक घटना में आसनसोल में 13 मिनट, हावड़ा में 14 मिनट तथा मालदा और सियालदह के कुछ खंडों में 17 मिनट तक का विलंब हुआ। आसनसोल मंडल में सीतारामपुर जंक्शन–झाझा खंड में 32 ट्रेनें, सीतारामपुर जंक्शन–प्रधानखुंटा खंड में 7 ट्रेनें तथा सीतारामपुर जंक्शन–खाना जंक्शन खंड में 3 ट्रेनें प्रभावित हुईं। हावड़ा मंडल में हावड़ा जंक्शन–खाना जंक्शन खंड में 22 तथा खाना जंक्शन–गुमानी खंड में 8 ट्रेनों को रोका गया। मालदा मंडल में बरहरवा जंक्शन–किऊल जंक्शन खंड में 2, भागलपुर जंक्शन–किऊल जंक्शन खंड में 4 तथा मालदा टाउन–किऊल जंक्शन खंड में 3 ट्रेनें प्रभावित हुईं। सियालदह मंडल में सियालदह–कलकत्ता कॉर्ड लिंक केबिन खंड में 5 ट्रेनों को रोका गया। इस बढ़ती समस्या पर अंकुश लगाने के लिए पूर्व रेलवे ने मई माह के दौरान सघन अभियान चलाया। इसके परिणामस्वरूप 72 आपराधिक मामले दर्ज किए गए और 58 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। आसनसोल मंडल में रेलवे अधिनियम के तहत 37 मामले दर्ज कर 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हावड़ा मंडल में 24 घटनाओं के संबंध में 22 मामले दर्ज कर 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मालदा मंडल में 9 मामले दर्ज किए गए तथा 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया (1 गिरफ्तारी अभी शेष है)। सियालदह मंडल में 4 मामले दर्ज हुए और 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पूर्व रेलवे ने जनता को याद दिलाया है कि अलार्म चेन पुलिंग (ACP) रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के अंतर्गत विनियमित है। यह सुविधा केवल वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों के लिए उपलब्ध कराई गई है और इसका अनधिकृत उपयोग एक गंभीर दंडनीय अपराध है। अनधिकृत रूप से एसीपी का उपयोग करने वाले व्यक्ति को एक वर्ष तक का कारावास, 1,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं। दोषियों को रंगे हाथ पकड़ने और अनावश्यक विलंब रोकने के लिए आरपीएफ टीमों ने कोचों के भीतर निगरानी और सख्त कर दी है।
इस विषय पर टिप्पणी करते हुए पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि
ने कहा-“बिना वजह अलार्म चेन खींचना बंद करें; समयनिष्ठ और सुगम रेल यात्रा सुनिश्चित करें।”






