चट्टी बरियातू कॉल प्रोजेक्ट के विस्थापित रैयतों के साथ बैठक
चट्टी बरियातू कॉल प्रोजेक्ट के विस्थापित रैयतों के साथ बैठक

चट्टी बरियातू कॉल प्रोजेक्ट के विस्थापित रैयतों के साथ बैठक

हजारीबाग: उपायुक्त नैन्सी सहाय की अध्यक्षता में एनटीपीसी के द्वारा संचालित चट्टी बरियातू कोल प्रोजेक्ट के विस्थापितों की समस्याओं पर समाहरणालय सभागार में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में एनटीपीसी विस्थापितों की समस्या पर विचार विमर्श किया गया बैठक में चट्टी बरियातू परियोजना से संबंधित नावाडीह, चट्टी, बरियातू के ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक में उपायुक्त नैन्सी सहाय, पुलिस अधीक्षक चौथे मनोज रतन, अनुमंडल पदाधिकारी विद्या भूषण कुमार, केरेडारी बीडीओ सहित विस्थापित परिवार शामिल हुए।

विस्थापित लोगों की समस्याओं के संबंध रखी गई विभिन्न मांगों के संदर्भ में उपायुक्त ने कहा विस्थापित परिवार के विस्थापन व पुनर्वास के अलावा रोज़गार, पहचान के लिए ज़िला प्रशासन का सकारात्मक सहयोग रहेगा। उन्होंने कहा विस्थापित अपनी समस्याओं को उचित फोरम एवं उचित तरीका से रखें प्रशासन विस्थापितों की पहचान सुनिश्चित कराने के लिए विस्थापन प्रमाण पत्र जारी करेगी जिसमें जमीन की संपूर्ण विवरण के साथ एनटीपीसी के अधिकारी एवं अंचल अधिकारी का संयुक्त हस्ताक्षर से जारी होगा। ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं से वंचित ना होना पड़े सीएसआर के तहत विस्थापित क्षेत्र में प्रशासन समन्वय बनाकर सारी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा नियोजन के संदर्भ में स्थानीय लोगों को नियोजन का लाभ मिले इसके लिए संबंधित कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि स्थानीय लोग ही नियोजित हो साथ ही नियोजन की सूची जारी करने के पूर्व प्रशासन से उन्हें अनुमोदन कराना होगा उपायुक्त ने विस्थापितों से अपील की कि किसी बाहरी लोगों के बहकावे में ना आए प्रशासन आपकी मांगों को संवेदनशीलता से उचित फोरम तक पहुंचाने का काम करेगी तथा आपकी समस्याओं को सुनने के लिए प्रशासन हर समय उपलब्ध रहेगा।

पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे ने कहा देश में कोयला उत्पादन व मांग के दृष्टिकोण से आपका सहयोग अपेक्षित है। चट्टी बरियातू परियोजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है। स्थानीय लोगों के समस्याओं के निपटारे के लिए उचित फोरम बनाए गए हैं। स्थानीय एवं जिला प्रशासन के समक्ष उचित तरीका से समस्याओं पर रखें। किसी भी तरह का व्यवधान या विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न ना करें। उन्होंने कंपनी द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं की अनदेखी पर प्रशासन की ओर से हस्तक्षेप करने का भरोसा दिलाया।
इस दौरान चट्टी बरियातू कोल परियोजना के विस्थापित परिवारों के द्वारा मौजा राशि रोजगार नियोजन का मामला विस्थापित प्रमाणपत्र देने उचित स्थल पर परिवारों को विस्थापित करने कॉलोनी में नागरिक सुविधाएं दिलाने पेंशन देने आदि की समस्याएं रखी।
मौके पर उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, बड़कागांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चट्टी बरियातू परियोजना के परियोजना प्रमुख, मुखिया, जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।




