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गिरिडीह के मधुबन में कई आदिवासी संगठन समेत गैर आदिवासी संगठन का विरोध प्रदर्शन किया गया।

गिरिडीह के मधुबन में कई आदिवासी संगठन समेत गैर आदिवासी संगठन का विरोध प्रदर्शन किया गया।

 

गिरिडीह के मधुबन में कई आदिवासी संगठन समेत गैर आदिवासी संगठन का विरोध प्रदर्शन किया गया।

गिरिडीह, मनोज कुमार।

गिरिडीह : जैन समाज के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल सम्मेद शिखर के मुद्दे को लेकर मंगलवार को गिरिडीह के मधुबन में कई आदिवासी संगठन समेत गैर आदिवासी संगठन का विरोध प्रदर्शन किया गया। मधुबन के फुटबाल मैदान में आदिवासी संगठन मरांग बूरू, दिशोम माझी थान समेत कई आदिवासी संगठन की ओर से जहां हजारों की संख्या में आदिवासियों और गैर आदिवासियों का जुटान हुआ। वहीं पारंपरिक हथियार तीर धनुष के साथ जुलूश निकालकर केंद्र की मोदी सरकार के साथ संथाली समुदाय के लोगों ने अपने ही हेमंत सरकार के साथ-साथ सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी और सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान तीनों का पुतला लेकर हजारों की संख्या में शामिल लोग सम्मेद शिखर का भ्रमण करते हुए पहाड़ चढ़े, और करीब एक किलोमीटर ऊपर में स्थित दिशोम मांझी थान में पूजा अर्चना करने के बाद तीनांे का पुतला दहन किया। जुलुश का नेतृत्व भाजपा नेता और मुखिया सिकंदर हेंब्रम, पूर्व भाजपा नेता अर्जुन मरांडी और मुखिया अरविंद किस्कू कर रहे थे। इस दौरान आदिवासी महासभा के जुटान को देखते हुए पूरा मधुबन बाजार बंद था।

इस दौरान पहाड़ से नीचे आने के बाद जुलुश वापस फुटबाल मैदान पहुंची। जहां आयोजित विशाल जनसभा में हजारों की संख्या में संथलियों का जुटान हुआ। जनसभा में कांग्रेस नेत्री गीताश्री उरांव, जेएमएम विधायक लोबिन हेंब्रम, सेंगेल आदिवासी संगठन के सालखन मुर्मू, जयराम महतो उर्फ टाइगर, दशरथ हांसदा, मनहर मुर्मू समेत कई आदिवासी नेता जनसभा में शामिल हुए। जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेत्री गीताश्री उरांव ने कहा की पारसनाथ पहाड़ में सदियों से मरांग बूरु का पवित्र तीर्थस्थल है। जहां आदिवासी समुदाय के लोग विधि विधान और अपने संस्कृति के अनुसार पूजा करते आ रहे है।

अब ऐसे में कोई बाहरी आ जाए, और उसे अपना बता दे, ये नही होने दिया जाएगा। इसका विरोध आदिवासी समुदाय के लोग उग्र होकर करेंगे। कहा कि वर्तमान समय में बाहरी लोग यहां आकर कब्जा कर रहे है, लेकिन आदिवासी समुदाय अपने अधिकार को लेना जानता है। इस दौरान जनसभा को सालखन्न मुर्मू, जयराम महतो, लॉबिन हेंब्रम ने भी संबोधित किया।

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