गिरिडीह उपचुनाव को लेकर भाजपा में टिकट की जंग तेज, पूर्व विधायक से लेकर युवा नेताओं तक की दावेदारी!
गिरिडीह की सियासत में उपचुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। सदर विधायक एवं मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद खाली हुई सीट पर अब राजनीतिक दलों की नजरें टिक गई हैं।

गिरिडीह उपचुनाव को लेकर भाजपा में टिकट की जंग तेज, पूर्व विधायक से लेकर युवा नेताओं तक की दावेदारी!
जेएमएम प्रत्याशी श्वेता शर्मा की दावेदारी के बीच भाजपा में कई नामों की चर्चा, रांची से दिल्ली तक तेज हुई राजनीतिक गतिविधियां
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : गिरिडीह की सियासत में उपचुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। सदर विधायक एवं मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद खाली हुई सीट पर अब राजनीतिक दलों की नजरें टिक गई हैं। एक ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा की तरफ से उनकी धर्मपत्नी श्वेता शर्मा को संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है, तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी में भी टिकट को लेकर दावेदारों की लंबी फेहरिस्त सामने आने लगी है।

भाजपा के अंदर संभावित उम्मीदवारों को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है। पूर्व विधायक निर्भय कुमार शाहाबादी समेत कई वरिष्ठ नेता अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय बताए जा रहे हैं।

पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता गिरिडीह से लेकर रांची और दिल्ली तक राजनीतिक संपर्क साधने में जुटे हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी किसी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

पुराने चेहरों से लेकर नए दावेदारों तक की नजर टिकट पर
गिरिडीह उपचुनाव में भाजपा के कई पुराने और सक्रिय नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें समाजसेवी विनोद सिन्हा, चुन्नू कांत,मनोज साहू, दिनेश यादव, प्रोफेसर विनीता कुमारी, , सुरेश साहू और इंजीनियर विनय सिंह , नवीन सिन्हा जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

वहीं, भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े युवा नेताओं ने भी अपनी दावेदारी को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। मिथुन चंद्रवंशी, संजीव कुमार उर्फ गुड्डू समेत कई युवा चेहरों की चर्चा हो रही है। इसके अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष रंजीत राय के नाम को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं हैं।

किसके सिर सजेगा भाजपा का टिकट?
गिरिडीह उपचुनाव अब केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि भाजपा के लिए अपनी राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक रणनीति दिखाने का भी अवसर बनता जा रहा है। पार्टी के भीतर कई संभावित दावेदारों की मौजूदगी ने टिकट चयन को दिलचस्प बना दिया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा नेतृत्व पुराने अनुभवी चेहरे पर भरोसा जताएगा, किसी नए उम्मीदवार को मौका देगा या फिर युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाएगा।

गिरिडीह से लेकर रांची और दिल्ली तक राजनीतिक चर्चाओं के बीच सभी की निगाहें भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं। वहीं, झामुमो की ओर से श्वेता शर्मा की संभावित दावेदारी ने इस चुनाव को लेकर राजनीतिक मुकाबले की चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

फिलहाल, गिरिडीह की सियासत में दावेदारों की सक्रियता चरम पर है। लेकिन चुनावी मैदान में कौन उतरेगा और किसे पार्टी का आधिकारिक टिकट मिलेगा, इसका फैसला आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा।



