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खाद्य संरक्षा कार्यक्रम को मिली मजबूती, 26 अधिकारियों को दिया गया 40 दिवसीय प्रशिक्षण

राज्य में आम लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।

खाद्य संरक्षा कार्यक्रम को मिली मजबूती, 26 अधिकारियों को दिया गया 40 दिवसीय प्रशिक्षण

खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, गुणवत्ता एवं मानकों के अनुपालन की निगरानी होगी और प्रभावी

पटना : राज्य में आम लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य संरक्षा कार्यक्रम के तहत 26 पदाधिकारियों को 40 दिवसीय खाद्य सुरक्षा संबंधी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये पदाधिकारी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं खाद्य प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों के अनुपालन की निगरानी तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डी.एन.एस. सहकारी प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में आयोजित किया गया। इसमें कुल 26 पदाधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें 19 आयुष चिकित्सक, 05 स्वच्छता निरीक्षक तथा 02 वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी शामिल हैं।

40 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान पदाधिकारियों को खाद्य संरक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें विशेष रूप से Misbranded, अपमिश्रित, असुरक्षित एवं अस्वच्छ खाद्य पदार्थों की पहचान, खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच, खाद्य नमूनों के संग्रहण एवं जांच की प्रक्रिया तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई से संबंधित जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण का उद्देश्य पदाधिकारियों की तकनीकी एवं व्यावहारिक क्षमता को मजबूत करना है, ताकि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में खाद्य संरक्षा से जुड़े मामलों की प्रभावी निगरानी कर सकें। इससे खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में विभागीय प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। इस दौरान सभी प्रशिक्षणार्थी पदाधिकारियों को स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त द्वारा Food Safety Act & Regulations से संबंधित पुस्तक भी उपलब्ध कराई गई, ताकि वे खाद्य संरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं का संदर्भ लेकर अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।

सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना हम सभी का दायित्व : स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त

प्रशिक्षण के समापन समारोह में स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए नियमित निरीक्षण, निगरानी और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि असुरक्षित खाद्य पदार्थों और गलत खान-पान का लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बच्चों और आम लोगों में गैर-संचारी रोगों के जोखिम को देखते हुए सुरक्षित एवं संतुलित खान-पान के प्रति जागरूकता और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। कई बार बीमारी के कारणों की समय पर पहचान नहीं हो पाती और बाद में गलत खान-पान को भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के एक कारण के रूप में देखा जाता है।

स्वास्थ्य सचिव ने प्रशिक्षित पदाधिकारियों से कहा कि वे अपने कार्यक्षेत्र में खाद्य संरक्षा से संबंधित गतिविधियों को पूरी गंभीरता के साथ संचालित करें तथा खाद्य प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं। मिलावटी, अपमिश्रित, असुरक्षित अथवा अस्वच्छ खाद्य पदार्थों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

राज्य में खाद्य संरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण, निरीक्षण, नमूना संग्रहण, जांच, जागरूकता और प्रवर्तन कार्रवाई को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशिक्षित 26 पदाधिकारियों की सेवाओं से इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।

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