क्यों मनाया जाता है 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
ऐसे हुई शुरूआत

संयुक्ता न्युज डेस्क
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है. महिला दिवस मनाने के पीछे का महत्वपू्र्ण कारण है समाज में महिलाओं को बराबरी का दर्जा देना. इसके साथ ही महिलाओं के प्रति समाज के लोगों को जागरुक करना है. इस लैंगिक समानता में तेजी लाने के लिए भी मनाया जाता है. आखिर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को क्यों मनाया जाता है और कैसे इसकी शुरुआत हुई जानते हैं.
15 हजार महिलाओं ने निकाला था मार्च
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत एक आंदोलन के रुप में हुई थी. इसकी पहली शुरुआत 1908 में हुइ थी. जब अमेरिका के शहर न्यूयार्क में लगभग 15 हजार महिलाओं ने मार्च निकालकर नौकरी में कम घंटे, अच्छी सैलरी और वोटिंग समेत समान अधिकारों की मांग की थी.
सोशलिस्ट पार्टी ने पहली बार मनाया
इस आंदोलन के बाद अमेरिकी सोशलिस्ट पार्टी ने पहली बार राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत की. कांफ्रेंस ऑफ़ वर्किंग वीमेन करीब 17 देशों की महिलाओं ने हिस्सा लिया. इसके बाद से ही आज तक हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाए जाने लगा.
कैसे हुइ थी शुरुआत
इस महिला आंदोलन को महिला दिवस को अंतरराष्ट्रीय बनाने का विचार क्लारा जेटकिन नाम की महिला को आया था. उन्होंने अपना ये सुझाव 1910 में कॉपेनहेगन में आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑफ़ वर्किंग वीमेन में दिया था. इसमें 17 देशों की महिलाओं को उनका समर्थन मिला. उसके बाद से हर साल 8 मार्च को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाने लगा.
क्या है 2022 की थीम
महिला दिवस के दिन हर साल एक थीम रखी जाती है. पिछले साल 2021 में महिला दिवस की थीम कोविड -19 की दुनिया में एक समान भविष्य को कैसे प्राप्त करे था. वहीं साल 2022 का थीम संयुक्त राष्ट्र ने Gender equality today for a sustainable Tomorrow रखी है. इस थीम को रखने का मकसद महिलाओं और पुरुषों के समान हक की बात करना है.




