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काउराडीह गांव में दो दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन शुरू,,,,

झारखंड में यैसा बहुत कम गांव मिलेंगे जहाँ अखंड हरिनाम संकीर्तन नहीं होता है।एक समय हरिनाम का प्रचारक चैत्यन्य महाप्रभु झारखंड होते हुए पूरी धाम गए थे। उसी का प्रभाव झारखंड में पड़ा है।

काउराडीह गांव में दो दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन शुरू,,,,

अभिजीत सेन।

जमशेदपुर /पोटका

झारखंड में यैसा बहुत कम गांव मिलेंगे जहाँ अखंड हरिनाम संकीर्तन नहीं होता है।एक समय हरिनाम का प्रचारक चैत्यन्य महाप्रभु झारखंड होते हुए पूरी धाम गए थे। उसी का प्रभाव झारखंड में पड़ा है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पोटका प्रखंड के अंतर्गत श्री श्री राधा गोविंद अखंण्ड हरि नाम संकीर्तन काउराडीह के द्वारा गांव में 13 मई 2026 को दो दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन का बिधिवत शुरू किया गया।

इस अबसर पर साहित्यकार सह समाजसेवी सुनील कुमार दे ने कहा,,,हरिनाम करने का कोई समय और उम्र नहीं होता है।हरिनाम किसी भी अवस्था और परिस्थिति में किया जा सकता है।हरिनाम इस कलियुग में मुक्ति का सरल उपाय है।हरिनाम करने से शरीर और मन दोनों पवित्र होता है।जहाँ पर हरिनाम होता है वहां पर कलि का प्रवेश अधिकार नहीं है।

समाज सेवी अनिरुद्ध गोप ने कहा,,, इस दुनिया से जाने का समय हरिनाम छोड़कर कुछ साथ में नहीं जायेगा। इसलिए हरिनाम करना चाहिए ।हरिनाम संकीर्तन में शुभांकर महतो कीर्तन संप्रदाय सुखलारा ,पोषा संकीर्तन संप्रदाय पुरुलिया , तरुण दास हरिनाम संकीर्तन संप्रदाय कड़ाडूबा ,रविन्द्र नाथ राणा महिला संकीर्तन संप्रदाय काला झरना , मनोहारी महिला संकीर्तन संप्रदाय धलभूमगढ़ और रामकृष्ण कीर्तन संप्रदाय बुरुडीह भाग लिया। मौके पर अनिरुद्ध गोप, सुनील कुमार दे, निताई महाकुड़,रामकृष्ण सरदार,उत्पल गोप, तरित मण्डल के अलावे श्रीश्री राधा गोविन्द अखंड हरिनाम समिति के सदस्य के साथ ग्रामीण उपस्थित रहे।

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