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आम महोत्सव-2026 का समापन: कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार को फलोत्पादन की राजधानी बनाने का लिया संकल्प l

तीन दिवसीय आम महोत्सव-2026 का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह को संबोधित करते हुए बिहार के माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह महोत्सव केवल आम का उत्सव नहीं, बल्कि बिहार की कृषि शक्ति, बागवानी क्षमता, किसान प्रतिभा और राज्य के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है।

आम महोत्सव-2026 का समापन: कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार को फलोत्पादन की राजधानी बनाने का लिया संकल्प

आमों की प्रजातियों को बचाने के लिए उद्यान निदेशालय के माध्यम से हर जिले में एक विशेष मॉडल उद्यान (ऑर्किड) विकसित करने की योजना बनाई जाएगी

तकनीक, प्राकृतिक खेती और कृषि उद्यमिता से बदलेगा बिहार का भविष्य: आम महोत्सव में बोले कृषि मंत्री

आम से वैश्विक पहचान तक: आम महोत्सव-2026 में कृषि मंत्री ने किसानों और युवाओं को दिया आत्मनिर्भरता का मंत्र

पटना : तीन दिवसीय आम महोत्सव-2026 का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह को संबोधित करते हुए बिहार के माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह महोत्सव केवल आम का उत्सव नहीं, बल्कि बिहार की कृषि शक्ति, बागवानी क्षमता, किसान प्रतिभा और राज्य के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है।

इस अवसर पर माननीय अध्यक्ष, विधानसभा, बिहार डॉ. प्रेम कुमार, माननीय विधायक, अलीनगर सुश्री मैथिली ठाकुर, किसान आयोग के अध्यक्ष श्री रूप नारायण मेहता, उद्यान निदेशक श्री अभिषेक कुमार, किसान चाची सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

माननीय कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार में लुप्त हो रही आमों की प्रजातियों को बचाने के लिए कृषि विभाग द्वारा उद्यान निदेशालय के माध्यम से हर जिले में एक विशेष मॉडल उद्यान (ऑर्किड) विकसित करने की योजना बनाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि बिहार कृषि प्रधान राज्य है और यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं। विकसित बिहार के निर्माण के लिए खेत, किसान और कृषि को समृद्ध बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार कृषि को लाभकारी, तकनीक आधारित और युवाओं के लिए आकर्षक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

कृषि मंत्री ने कहा कि आम बिहार की पहचान, संस्कृति और आर्थिक शक्ति का महत्वपूर्ण प्रतीक है। भागलपुर का जर्दालू आम, दीघा का दुधिया मालदह सहित बिहार की कई उत्कृष्ट आम किस्में देश और विदेश में अपनी विशेष पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान बिहार कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि वैज्ञानिकों द्वारा आम की 53 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया गया, जिसने बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित किया।

श्री सिन्हा ने कहा कि आज का किसान केवल उत्पादक नहीं, बल्कि एक उद्यमी और नवाचारकर्ता भी है। बिहार में लीची, मखाना, मशरूम, शहद, फल एवं सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में लगातार नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। उन्होंने युवाओं से कृषि, फूड प्रोसेसिंग, एग्री-बिजनेस, एग्री-स्टार्टअप, ड्रोन तकनीक और निर्यात जैसे क्षेत्रों में आगे आने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि महोत्सव में आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। Plantix App एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों के माध्यम से किसान फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों की पहचान कर समय पर समाधान प्राप्त कर सकते हैं। यह डिजिटल कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कृषि मंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का संतुलित उपयोग करने तथा फलों को पकाने में कार्बाइड जैसे हानिकारक पदार्थों के प्रयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं स्वस्थ कृषि व्यवस्था विकसित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

तीन दिनों तक चले आम महोत्सव में लगभग 20 लाख रुपये का फल और पौधों का कारोबार हुआ और 14 हजार से अधिक लोगों ने इसमें शिरकत की।

समापन अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी का कृषि एवं बागवानी के प्रति बढ़ता रुझान बिहार की कृषि क्रांति का आधार बनेगा।

माननीय मंत्री ने कृषि विभाग, उद्यान निदेशालय, बामेती, कृषि विश्वविद्यालयों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सभी किसानों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए बिहार को फलोत्पादन की राजधानी बनाने तथा कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प दोहराया।

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