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आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति में लाएं सुधार : कमिश्नर

आंगनबाड़ी केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना का हिस्सा है। इसके माध्यम से बच्चों को शिक्षा और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण को मजबूत किया जाता है।

आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति में लाएं सुधार : कमिश्नर

बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने व स्वच्छता सुनिश्चित करने के दिए सख्त निर्देश

प्रमंडलीय आयुक्त ने आंगनबाड़ी केन्द्रों का किया औचक निरीक्षण, समस्याओं पर हुईं सख्त

आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिंगरा कला में अनुपस्थित मिले स्वास्थ्य कर्मी

मेदिनीनगर, (पलामू) : आंगनबाड़ी केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना का हिस्सा है। इसके माध्यम से बच्चों को शिक्षा और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण को मजबूत किया जाता है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही न केवल कर्तव्यहीनता है, बल्कि यह समाज के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पलामू प्रमंडल के आंगनबाड़ी केन्द्रों की बदहाल स्थिति व कमियों को दूर करने के लिए सेविका, सहायिका, सीडीपीओ और पर्यवेक्षिका को जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता है।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी भी समय-समय पर केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरूस्त करने संबंधी कार्य करवाने में अपनी भूमिका निभाएं। यह बातें प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय ने कही। आयुक्त आज शहरी क्षेत्र के विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा ले रहीं थी।

आयुक्त ने हमीदगंज-1, हमीदगंज-3, न्यू एरिया हमीदगंज-3, सिंगरा खुर्द टांड़ पर एवं सिंगरा कला आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में आयुक्त ने पाया कि कई आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पहचान हेतु बोर्ड तक नहीं लगे हैं, जिससे केन्द्रों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए तत्काल सभी केन्द्रों पर स्पष्ट एवं मानक के अनुरूप बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। इसके अलावा कई केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति बेहद कम पाई गई।

इसपर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों का मुख्य उद्देश्य बच्चों के पोषण, शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है, लेकिन कम उपस्थिति इस उद्देश्य को प्रभावित कर रही है। उन्होंने सेविका एवं सहायिका को अपने-अपने पोषक क्षेत्र में अवस्थित घरों में लोगों से संपर्क कर अभिभावकों को जागरूक करने और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान बच्चों की साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इसपर आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने केन्द्रों में नियमित साफ-सफाई, बच्चों की व्यक्तिगत स्वच्छता एवं पोषण आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र की सेविका एवं सहायिका के बीच बेहतर तालमेल व समन्वय बनाकर बच्चों एवं महिलाओं के हित में कार्य करना सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान उपस्थित पर्यवेक्षिका एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को प्रत्यक्ष स्थिति की ओर इंगित करते स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी ही स्थिति पाई गई, तो संबंधित सेविका एवं पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने पदाधिकारियों को अपने अधीन के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित भ्रमण एवं प्रवेक्षण सुनिश्चित करने तथा कमियों को शीघ्र दूर करने की व्यवस्था करने का सख्त निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने उपस्थित बच्चों से बातचीत की और उनके बीच टॉफी और बिस्किट का वितरण कर पढ़ाई के प्रति उनका हौसला बढ़ाया।

सिंगरा कला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान इसी भवन में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में 11 बजे तक कोई भी स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित नहीं पाया गया। आयुक्त ने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों को चेतावनी देते हुए कार्य में तत्परता बरतने का निर्देश दिया है।

निरीक्षण के दौरान जिला समाज कल्याण. पदाधिकारी नीता चौहान एवं समाज कल्याण से जुड़े अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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