अवैध बालू खनन से सरकार को भारी राजस्व का नुकसान, रोक लगाने की मांग : मुखिया आलोक सिंह।
हजारीबाग चलकुशा प्रखंड क्षेत्र में कथित रूप से हो रहे अवैध बालू खनन को लेकर चलकुशा पंचायत के मुखिया आलोक सिंह ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

अवैध बालू खनन से सरकार को भारी राजस्व का नुकसान, रोक लगाने की मांग : मुखिया आलोक सिंह।
चलकुशा : मुन्ना यादव
हजारीबाग : चलकुशा प्रखंड क्षेत्र में कथित रूप से हो रहे अवैध बालू खनन को लेकर चलकुशा पंचायत के मुखिया आलोक सिंह ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रखंड क्षेत्र में रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर बालू का अवैध उठाव किया जा रहा है, जिससे सरकार को भारी राजस्व क्षति हो रही है।
मुखिया आलोक सिंह ने कहा कि प्रशासन को अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के सहयोग से अवैध खनन को रोकने के लिए बाध्य होंगे।

इधर, खनन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पीएचईडी विभाग द्वारा खनन विभाग को दिए गए जानकारी के आधार पर हजारीबाग खनन विभाग ने दिनांक 31 मार्च 2026 को चलकुशा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि चलकुशा बराकर नदी घाट स्थित पानी टंकी के समीप अवैध रूप से बालू का उठाव किया गया है ।जिससे करोड़ों रुपये की लागत से संचालित जलापूर्ति योजना पर खतरा उत्पन्न हो गया है और इसके प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए चलकुशा थाना पुलिस में अज्ञात लोगों के विरुद्ध चलकुशा थाना कांड संख्या 29/26 प्राथमिकी दर्ज की गई है वहीं दूसरी ओर, खनन विभाग द्वारा बराकर नदी घाट स्थित पानी टंकी से लगभग एक किलोमीटर के दायरे में बालू डंपिंग यार्ड संचालित करने की अनुमति दिए जाने की चर्चा भी है। इसी को लेकर स्थानीय लोग विभाग की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
इस संबंध में थाना प्रभारी ने कहा कि 17 अप्रैल 2026 को सरकार के द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार पुलिस खनन संबंधी चालान और अनुमति की जांच में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। पुलिस निर्धारित नियमों के अनुरूप अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही है।


