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हजारीबाग सदर एसडीओ की पत्नी की हुई मौत, परिजनों ने एसडीओ अशोक कुमार की गिरफ्तारी को लेकर थाना के बाहर दिया धरना

हजारीबाग सदर एसडीओ की पत्नी की हुई मौत, परिजनों ने एसडीओ अशोक कुमार की गिरफ्तारी को लेकर थाना के बाहर दिया धरना

हजारीबाग सदर एसडीओ की पत्नी की हुई मौत, परिजनों ने एसडीओ अशोक कुमार की गिरफ्तारी को लेकर थाना के बाहर दिया धरना

हजारीबाग ब्यूरो रिपोर्ट 

हजारीबाग: सदर एसडीओ अशोक कुमार की पत्नी अनीता कुमारी की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई । अनीता को 26 दिसंबर को जलने के बाद गंभीर स्थिति में रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।अनीता देवी के भाई राजकुमार गुप्ता ने एसडीएम अशोक कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए हजारीबाग के लोहसिंघना थाने में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया है। आवेदन में कहा गया है कि एसडीएम अशोक कुमार का किसी गैर महिला से अवैध संबंध था। पत्नी अनीता इसका विरोध करती थी, जिस कारण अशोक उसके साथ मारपीट करते थे।राजकुमार ने आरोप लगाया है कि विरोध करने के कारण ही अशोक कुमार, उनके भाई शिवनंदन कुमार व उसकी पत्नी रिंकू देवी और पिता दुर्योधन साव ने अनीता देवी के शरीर पर तारपीन का तेल डालकर आग लगा दी।अनीता अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रही थी। आग लगने के बाद अशोक को जब लगा कि अनीता मर गई है तब वह उसे अस्पताल लेकर गए।

अनीता के भाई राजकुमार ने बताया कि एडीएम के अवैध संबंध को लेकर हमेशा विवाद होता था। कई बार समझौते का प्रयास भी हुआ, एक बार सब ठीक हो गया था। उन्होंने कहा था कि ऐसी गलती अब नही होगी, लेकिन फिर दोबारा एसडीएम के द्वारा वही रवैया अपनाया गया।समझौते के प्रयास के दौरान अशोक कुमार ने धमकी दी थी कि मैं यहां का एसडीएम हूं। जहां जाना है जाओ, तुम सबको बर्बाद कर दूंगा। अनीता कुमारी जैसी बहुत सी लड़कियां मुझे मिल जाएंगी।

जब तक बोलने लायक थी, नहीं दी पुलिस को जानकारी

शिकायत में भाई ने बताया है कि घटना को छुपाने का प्रयास किया गया। सुबह सात बजे की घटना की जानकारी करीब दो घंटे बाद नौ बजे दी गई। अशोक कुमार के छोटे भाई शिवनंदन कुमार ने फोन कर बताया कि तुम्हारी बहन जल गई है और फोन काट दिया।

आनन-फानन में जब अरोग्यम अस्पताल पहुंचा तो वहां से बताया गया कि बोकारो रेफर कर दिया गया है। आग कैसे लगी, किसी ने कोई जानकारी नहीं दी। बताया कि जब तक मेरी बहन बोलने लायक थी तब तक हमलोगों को कोई सूचना नही दी गई।

शादी के बाद झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बने अशोक

परिजनों का आरोप है कि अशोक कुमार अपनी पत्नी को हेय दृष्टि से देखते थे। 2011 में इनकी शादी हुई थी। इसके बाद 2012 में चतुर्थ जेपीएससी से वे प्रशासनिक अधिकारी बने। अधिकारी बनने के बाद से ही अशोक कुमार का रवैया बिल्कुल बदल गया था। पत्नी को लगातार प्रताड़ित करते थे। 2011 में हुई थी शादी, दो बच्चे हैं।

राजू कुमार ने बताया कि उनकी बहन अनिता का विवाह अशोक से 20 नवंबर 2011 को हुआ था। दोनों के दो बच्चे हैं- अलौकिक किसलय और आरोही कश्यप। राजू ने कहा कि जब बहन को जलाया जा रहा था तब वह जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रही थी। वह काफी चिल्ला रही थी।

मॉर्निंग वॉक से रोका तो खुद को आग में झोंक दिया

एसडीओ अशोक कुमार ने कहा है कि गुरुवार को पत्नी मॉर्निंग वॉक जाने को तैयार थी। घर में रंग-रोगन का काम चल रहा है। इसलिए मैंने पत्नी को रोका तो वह नाराज हो गई और खुद पर तेल छिड़ककर आग लगा ली। उसे बचाने में मेरे हाथ भी जल गए।

इधर शनिवार को अनीता देवी की शनिवार को अस्पताल मे इलाज के दौरान हुई मौत के बाद उनके परिजनों ने शव के साथ लोहसिंघना थाना पहुंचकर सदर एसडीओ की तत्काल गिरफ्तारी की माँग को लेकर धरना पर बैठ गए . धरना पर बैठे सभी लोग काफी आक्रोशित दिखाई दे रहे थे. सबों का एक स्वर मे बस इतना ही कहना था की अनीता देवी के पति हजारीबाग सदर अनुमंडल पदाधिकारी अशोक कुमार की तत्काल गिरफ्तारी हो और उसे कड़ी सजा मिले.

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