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समृद्ध किसान, सशक्त बिहार” विषय पर कृषि भवन में विशेष कार्यक्रम का आयोजन एकीकृत फल क्रांति से उत्पादन से निर्यात तक मजबूत हो रही मूल्य श्रृंखला

प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार सरकार श्री पंकज कुमार की अध्यक्षता में "समृद्ध किसान, सशक्त बिहार-उत्पादन से निर्यात, एकीकृत फल क्रांति" विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन कृषि भवन सभागार, पटना में किया गया।

समृद्ध किसान, सशक्त बिहार” विषय पर कृषि भवन में विशेष कार्यक्रम का आयोजन
एकीकृत फल क्रांति से उत्पादन से निर्यात तक मजबूत हो रही मूल्य श्रृंखला

पटना : प्रधान सचिव, कृषि विभाग, बिहार सरकार श्री पंकज कुमार की अध्यक्षता में “समृद्ध किसान, सशक्त बिहार-उत्पादन से निर्यात, एकीकृत फल क्रांति” विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन कृषि भवन सभागार, पटना में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य में फल एवं उद्यानिकी क्षेत्र को वैज्ञानिक, संगठित एवं बाजारोन्मुख बनाकर किसानों की आय में सतत एवं स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने हेतु 5 वर्ष के रोडमैप का सूत्रण करना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव ने कहा कि बिहार सरकार, राज्य में फल एवं उद्यानिकी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए बहुआयामी रणनीति पर कार्य कर रही है। इसके अंतर्गत वैज्ञानिक उत्पादन प्रणाली को बढ़ावा, उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री की उपलब्धता, आधुनिक पैकेजिंग, सुदृढ़ कोल्ड चेन नेटवर्क तथा प्रभावी विपणन व्यवस्था को सशक्त किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि नींबू, माल्टा, स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट जैसे उच्च मूल्य वाले फलों के उत्पादन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त हो सके और खेती अधिक लाभकारी बन सके।
परिचर्चा में अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों एवं किसानों के बीच संवाद के माध्यम से फल उत्पादन एवं निर्यात को और अधिक लाभकारी बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। फलों के क्लस्टर आधारित मॉडल को अपनाकर उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला को मजबूत करने हेतु सरकार प्रतिबद्ध है।

इससे किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, इनपुट की सुलभता और बाजार तक सीधी पहुँच मिलेगी। उपरांत-कटाई क्षति को न्यूनतम करने के उद्देश्य से राज्य में पैक-हाउस, प्री-कूलिंग यूनिट, कोल्ड स्टोरेज एवं रीफर वैन जैसी आधारभूत संरचनाओं के व्यापक विस्तार पर सुझाव प्राप्त हुए।

लीची सहित अन्य नाशवान फलों की शेल्फ-लाइफ बढ़ाने तथा अंतर्राज्यीय एवं राष्ट्रीय बाजारों तक त्वरित और सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करने के लिए कोल्ड चेन व्यवस्थाओं की सुविधाओं को भी प्रोत्साहित करने हेतु रणनीति पर चर्चा हुई। इससे किसानों को दूरस्थ एवं उच्च मूल्य वाले बाजारों तक पहुँच बनाने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि किसानों को नवीन तकनीकों, आधुनिक बागवानी पद्धतियों, गुणवत्ता नियंत्रण एवं मूल्य संवर्धन से संबंधित नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सशक्त बनाने तथा समूह आधारित खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर हेतु विभाग प्रयासरत है।
इन सभी पहलों के परिणामस्वरूप किसानों की आय में वृद्धि, बाजार में स्थिरता तथा राज्य की उद्यानिकी आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

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