बरकट्ठा पुलिस ने अवैध मवेशी लदा पिकअप वैन किया जब्त –
इस धंधे में कई सफेदपोश एवं जिला से लेकर राज्य के बड़े अधिकारी हैं शामिल ---

बरकट्ठा पुलिस ने अवैध मवेशी लदा पिकअप वैन किया जब्त —-
जीटी रोड के रास्ते बेरोकटोक जारी है पशुओं की तस्करी ——
जिनके मुंह में जबान नहीं उन्हें एक गाड़ी में क्रुरता पूर्वक किया जाता है लोड —

इस धंधे में कई सफेदपोश एवं जिला से लेकर राज्य के बड़े अधिकारी हैं शामिल —
संवाददाता:ईश्वर यादव
हजारीबाग/बरकट्ठा: बरकट्ठा पुलिस ने अवैध रुप से मवेशी लदा एक पिकअप वैन को पकड़ा। इस बाबत थाना प्रभारी विक्रम कुमार ने बताया कि बीते रात्रि गुप्त सूचना के आधार पर एक पिकअप गाड़ी नम्बर डब्ल्यू बी 39 सी 1693 को बरकट्ठा थाना गेट के सामनें चेकिंग के दौरान रोका गया जिस पर क्रुरता पूर्वक एवं क्षमता से अधिक अव्यवस्थित ढंग से कुल आठ मवेशी(04 गाय एवं 04 बैल) लोड़ था। पकड़ाये चालक ने अपना नाम इमाम हुसैन पिता मो जब्बार अंसारी ग्राम नया मोहल्ला साउथ बाजार अंडाल,थाना अंडाल जिला बर्दवान(पश्चिम बंगाल) का रहने वाला बताया। उसने कहा कि उक्त मवेशियों को बरही थाना क्षेत्र के धनवार से लोड़ कर आसनसोल,बंगाल ले जाया जा रहा था। इस संबंध में बरकट्ठा थाना कांड संख्या-148/22 अंकित किया गया है तथा पकड़ाये पिकअप चालक को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है तथा अन्य शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु छापामारी की जा रही है। जप्त मवेशियों को सुरक्षार्थ जिम्मेनामा पर दिया गया है।

विश्व हिन्दू परिषद बरकट्ठा के प्रखंड अध्यक्ष संजय यादव ने बताया कि विश्व हिन्दू परिषद बरही के कार्यक्रताओं को सूचना मिली कि पशु तस्करों द्वारा धनवार बरही से एक वैन पर गौकशी के लिए जानवरों को लादकर बंगाल की ओर ले जाया जा रहा है। उन्होंने इसकी सूचना मुझे दी तो हमने भी उक्त गाडी का पिछा किया। इसी दौरान उक्त गाड़ी को बरकट्ठा थाना के समीप रोक कर बरकट्ठा पुलिस को सुपुर्द किया। संजय यादव ने बताया कि प्रत्येक दिन रात्रि में दर्जनों पिकअप वैन पर पशुओं को क्रुरता पूर्वक लादकर बंगाल ले जाया जा रहा है। इस काम में जिले के बड़े पदाधिकारी एवं सफेदपोश लोग भी शामिल हैं।उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से प्रत्येक थाना क्षेत्र में रात्रि को वाहन चेक पोस्ट लगाने की मांग की है। ताकि पशु तस्करी पर विराम लगाया जा सके। विहिप प्रखंड अध्यक्ष ने कहा की पशु तस्करी का खेल जोर शोर से जारी है। और इसपर विराम नहीं लगाया गया तो बाध्य होकर संगठन आंदोलन करने पर विवश होगी।





