पलामू – लोक आस्था के महापर्व छठ कयामत में भी धैर्य रखने की नसीहत देती है : अविनाश देव
पलामू चार दिवसीय चलने वाला छठ महापर्व का आज खड़ना या कहें खीर भोजन है। शुद्धता सफाई सामूहिकता से भगवान सूर्य को सर्व मनोकामना के लिए गोहराने का दिन।

पलामू – लोक आस्था के महापर्व छठ कयामत में भी धैर्य रखने की नसीहत देती है : अविनाश देव
पलामू : चार दिवसीय चलने वाला छठ महापर्व का आज खड़ना या कहें खीर भोजन है। शुद्धता सफाई सामूहिकता से भगवान सूर्य को सर्व मनोकामना के लिए गोहराने का दिन। इस मौके पर झारखंड माटीकला बोर्ड के प्रमंडलीय कार्यालय मेदिनीनगर में छठ में प्रमुख सामग्री मिट्टी निर्मित ढकना दीया का वितरण कमिटी के सहयोगियों के साथ किया।

हमने कहा जिस तरह भगवान सूर्य किसी के साथ भेद नहीं करते हैं उसी तरह हम सब को भी सभी के साथ समन्वय बना कर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। पूरे दुनिया में हमारा देश भारत है जहां डूबते सूर्य को भी आराधना किया जाता है। बुरे वक्त में भी लोगों को साथ देना चाहिए छठ में डूबते सूर्य का अर्घ्य सिखाता है।
हर छठव्रती अपने पारंपरिक गीत के जरिए सब के मनोकामना के लिए मन्नत मांगती है और कहती है अन्हरा के आंखी दिह कोढ़िया के काया भांजी के दिहा तूं बलकवा। सूर्य में वह सम्मोहन शक्ति है जिससे धरती आकर्षित होती है और हरियाली बिखेरती है। आप सभी देख रहे हैं प्रसाद में सभी वनस्पति कंदमूल फलफूल रखा जाता है।
भगवान भास्कर ब्रह्मांड को आबाद रखें चलायमान रखे यही हमारी कामना होगी। आदरणीय त्रिपुरारी गुरुजी,राहुल जी,राजू जी भुनेश जी,सतीश जी, और कार्यालय प्रभारी शोभा प्रजापति के योगदान सराहनीय रहा।


