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नम आंखों से दी गई अंतिम सुरांजलि: उभरती गायिका सोनी चंद्रवंशी को झंडा मैदान में भावभीनी श्रद्धांजलि, कलाकार बोले— ‘आवाज खामोश हुई, यादें नहीं’

गिरिडीह की उभरती हुई युवा गायिका सोनी चंद्रवंशी को रविवार को शहर के झंडा मैदान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में नम आंखों से अंतिम सुरांजलि दी गई।

नम आंखों से दी गई अंतिम सुरांजलि: उभरती गायिका सोनी चंद्रवंशी को झंडा मैदान में भावभीनी श्रद्धांजलि, कलाकार बोले— ‘आवाज खामोश हुई, यादें नहीं’

गिरिडीह, मनोज कुमार।

गिरिडीह : गिरिडीह की उभरती हुई युवा गायिका सोनी चंद्रवंशी को रविवार को शहर के झंडा मैदान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में नम आंखों से अंतिम सुरांजलि दी गई। संगीत जगत से जुड़े कलाकारों, गायकों, म्यूजिशियन, पत्रकारों और कला प्रेमियों ने एकत्र होकर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा और उपस्थित लोगों की आंखें नम दिखीं।

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि सोनी चंद्रवंशी ने अपनी मधुर आवाज और असाधारण प्रतिभा के बल पर बहुत कम समय में गिरिडीह ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी। वह कला संगम की दो बार की विजेता रही थीं और कई एल्बमों एवं स्टेज कार्यक्रमों में अपनी शानदार प्रस्तुति से श्रोताओं का दिल जीत चुकी थीं। उनकी प्रतिभा लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही थी और वह गिरिडीह का नाम रोशन कर रही थीं।

कलाकारों और संगीत प्रेमियों ने कहा कि सोनी चंद्रवंशी का असमय निधन संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी मधुर आवाज, सरल स्वभाव और संगीत के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। सभी ने एक स्वर में कहा कि भले ही सोनी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गीत, उनकी गायिकी और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।

श्रद्धांजलि सभा में मोहन तुरी, संजय भारती, रवि राज, अक्षय राज, दीपराज राणा, गौतम सागर राणा, आरकेआर आर्यन, पंकज ऑर्गन, सुरेंद्र पैड, जावेद, सिंगर राम कुमार, अनिल अकेला, आशीष दास, छोटू पंडित, अंगद, टी-सीरीज कलाकार किशोर कुणाल मिश्रा, प्रदीप राजा, कुमोद, भरत तथा पत्रकार राजदीप आर्यन सहित बड़ी संख्या में कलाकार, संगीत प्रेमी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

झंडा मैदान में आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा भावनाओं से ओत-प्रोत रही। हर किसी ने नम आंखों से सोनी चंद्रवंशी को याद करते हुए कहा कि उनकी आवाज भले ही अब खामोश हो गई हो, लेकिन उनका संगीत और उनकी विरासत हमेशा अमर रहेगी।

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