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छोटे शहरों के लाखों विद्यार्थियों को मिला आगे बढ़ने का मौका l

जब मौका बराबरी का मिले, तो प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं रहती। छोटे शहरों और सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी वही काबिलियत होती है, जरूरत होती है, तो सिर्फ एक सही मंच की और यही मंच बनकर सामने आई है l

छोटे शहरों के लाखों विद्यार्थियों को मिला आगे बढ़ने का मौका l

रांची, अप्रैल, 2026 : जब मौका बराबरी का मिले, तो प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं रहती। छोटे शहरों और सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी वही काबिलियत होती है, जरूरत होती है, तो सिर्फ एक सही मंच की और यही मंच बनकर सामने आई है मैरिको लिमिटेड की ‘निहार शांति पाठशाला फनवाला’ वर्ड पावर चैंपियनशिप 2026। यह पहल उन बच्चों के लिए उम्मीद बनकर सामने आई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद सीखने और आगे बढ़ने का जज़्बा रखते हैं।

कक्षा 2 से 5 तक के क्षेत्रीय भाषा माध्यम के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान (अलवर) के लाखों बच्चों ने हिस्सा लिया। मध्य प्रदेश में 8,38,096 विद्यार्थियों ने पंजीकरण किया, जिनमें से 42,999 क्लस्टर स्तर तक पहुँचे और 364 जिला स्तर तक पहुँचे। वहीं, झारखंड में 9,16,400 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 1,16,466 क्लस्टर स्तर, 29,182 ब्लॉक स्तर और 680 जिला स्तर तक पहुँचे।

प्रतियोगिता में भोपाल की छात्रा कुमार आराध्या पराशर ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि रामगढ़ की कुमारी लक्ष्या कुमार वर्णवाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

इस पहल को राज्य सरकारों का भी सहयोग मिला है और अब तक 38 लाख से अधिक विद्यार्थी इससे लाभान्वित हो चुके हैं। कार्यक्रम में नलिनी रंजन, डॉ. रवेंद्र त्रिपाठी, विकास महाजन और सत्या नायडू जैसे गणमान्य अतिथि भी शामिल हुए।

मैरिको लिमिटेड के मुख्य विधिक अधिकारी, ग्रुप जनरल काउंसिल और सीएसआर समिति के सचिव, अमित भसीन ने कहा, “यह पहल बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का मजबूत माध्यम बन रही है। मैरिको में हमारा मानना है कि भाषा विश्वास और अवसर का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और एनएसपीएफ कार्यक्रम के माध्यम से हम एक समावेशी और विस्तार योग्य मॉडल का समर्थन करने पर गर्व महसूस करते हैं, जो राष्ट्रीय शिक्षा प्राथमिकताओं के अनुरूप है।”

इस कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें श्री नलिनी रंजन, सहायक जिला कार्यक्रम अधिकारी, रामगढ़, झारखंड; डॉ. रवेंद्र त्रिपाठी, समन्वयक- ओलंपियाड, राज्य शिक्षा केंद्र (आरएसके), मध्य प्रदेश सरकार; श्री विकास महाजन, सहायक कार्यक्रम समन्वयक (शैक्षणिक), जिला देवास, मध्य प्रदेश; तथा सुश्री सत्या नायडू, सीएसआर प्रबंधक, मैरिको लिमिटेड शामिल थे।

2012 में शुरू हुआ ‘निहार शांति पाठशाला फनवाला’ अब तक 12 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों और 1.25 लाख शिक्षकों तक पहुँच चुका है, जिससे सरकारी स्कूलों में बच्चों की अंग्रेज़ी सीखने की क्षमता बेहतर हो रही है। ऐसे में, यह पहल अब सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि लाखों बच्चों के सपनों को दिशा देने वाला मंच बन चुकी है।

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