गिरिडीह में अतिक्रमण और नो-पार्किंग पर सख्ती, सड़कों पर उतरे SDO श्रीकांत यशवंत विशपुते… अलग ही तेवर में गुस्से में दिखे SDO…
गिरिडीह शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू करने और अतिक्रमण पर लगाम लगाने के उद्देश्य से आज अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) श्रीकांत यशवंत विशपुते खुद सड़कों पर उतरे।

गिरिडीह में अतिक्रमण और नो-पार्किंग पर सख्ती, सड़कों पर उतरे SDO श्रीकांत यशवंत विशपुते… अलग ही तेवर में गुस्से में दिखे SDO…
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू करने और अतिक्रमण पर लगाम लगाने के उद्देश्य से आज अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) श्रीकांत यशवंत विशपुते खुद सड़कों पर उतरे। प्रशासन की ओर से चलाए गए इस विशेष अभियान में नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों और सड़कों पर अवैध रूप से लगे ठेला-खोमचा के खिलाफ जमकर कार्रवाई की गई। आज SDO का रुख पूरी तरह सख्त नजर आया और पूरे शहर में प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संदेश गया।

अभियान के दौरान शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों और व्यस्त सड़कों पर सघन जांच की गई। नो-पार्किंग जोन में खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों को चिन्हित कर तत्काल जब्त कराया गया। वहीं सड़क पर यातायात बाधित कर रहे ठेला-खोमचा को भी हटवाया गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मौके पर ही जुर्माना काटा गया, जिससे वाहन चालकों और ठेला संचालकों में हड़कंप मच गया।

SDO श्रीकांत यशवंत विशपुते ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहर की सड़कों पर अव्यवस्था, अतिक्रमण और गलत पार्किंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण और नो-पार्किंग में वाहन खड़े होने से अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए प्रशासन अब लगातार अभियान चलाएगा।

SDO ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिस बल को निर्देश दिया कि इस तरह की कार्रवाई को नियमित रूप से जारी रखा जाए और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। अभियान के दौरान कई वाहन चालक स्वयं ही अपने वाहन हटाते नजर आए। प्रशासन की इस कार्रवाई से आम नागरिकों ने संतोष जताया और उम्मीद की कि ऐसी सख्ती से गिरिडीह की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। मौके पर उपनगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक यातयात इंस्पेक्टर दुहन टोपनो सहित नगर निगम कर्मी और पुलिस जवान मौजूद थे।



