कोयले की धूल से स्वच्छ सुविधा की ओर: नया मदनपुर स्टेशन अत्याधुनिक माल ढुलाई सुविधा के साथ दुमकावासियों को राहत देने के लिए तैयार l
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के गतिशील नेतृत्व में दुमका के निकट एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परिवर्तन कार्य प्रगति पर है।

कोयले की धूल से स्वच्छ सुविधा की ओर: नया मदनपुर स्टेशन अत्याधुनिक माल ढुलाई सुविधा के साथ दुमकावासियों को राहत देने के लिए तैयार l
कोलकाता : पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के गतिशील नेतृत्व में दुमका के निकट एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परिवर्तन कार्य प्रगति पर है। पूर्व रेलवे वर्तमान न्यू मदनपुर हॉल्ट को एक पूर्ण विकसित, आधुनिक ब्लॉक स्टेशन में उन्नत कर रहा है, जिसमें समग्र माल गोदाम (गुड्स शेड) सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह रणनीतिक कदम क्षेत्र की लॉजिस्टिक व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को राहत प्रदान करेगा तथा उच्च क्षमता वाले आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।

वर्तमान में सामान्य माल एवं भारी मात्रा में कोयले की लोडिंग-अनलोडिंग सहित सभी प्रमुख माल ढुलाई गतिविधियां दुमका स्टेशन पर ही केंद्रित हैं। मौजूदा माल गोदाम प्रतिदिन अत्यधिक भार संभालता है, जहां औसतन 3 से 4 कोयला रेकों के साथ-साथ पत्थर, बालू और खाद्यान्न से भरी एक अतिरिक्त रेक का भी प्रबंधन किया जाता है। इसके कारण आम लोगों को लगातार कोयले की धूल, स्टेशन तक आने-जाने वाली सड़कों पर भारी ट्रकों की भीड़ तथा निरंतर शोर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

कोयले की लोडिंग बढ़कर प्रतिदिन 6 रेक तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए तथा जनता से प्राप्त अनेक अभ्यावेदनों पर विचार करते हुए, पूर्व रेलवे ने एक स्थायी समाधान प्रस्तुत किया है। भारी कोयला माल ढुलाई कार्यों को न्यू मदनपुर स्टेशन में स्थानांतरित किया जा रहा है, जो दुमका से 4.20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है तथा दुमका–बासुकीनाथ और दुमका–बारापलासी खंडों के बीच पड़ता है। इस कदम से स्थानीय नागरिकों के दैनिक जीवन में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

इस स्थानांतरण के बाद दुमका के परिवारों और दैनिक यात्रियों को कोयले की धूल से मुक्त, स्वच्छ और बेहतर वायु गुणवत्ता वाला वातावरण मिलेगा। साथ ही, भारी ट्रक अब शहर के केंद्र से होकर नहीं गुजरेंगे, बल्कि सीधे न्यू मदनपुर जाएंगे, जिससे शहर की सड़कों पर यातायात जाम में कमी आएगी। नई व्यवस्था जसीडीह और भागलपुर की दिशा में यात्रा करने वाले यात्रियों की आवश्यकताओं को भी बिना किसी व्यवधान के पूरा करेगी।

स्थानीय स्तर पर राहत प्रदान करने के अलावा, यह नया समर्पित रेलहेड क्षेत्र की कैप्टिव कोयला खदानों से भविष्य में होने वाली विशाल कोयला निकासी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयुक्त रेक लोडिंग पॉइंट की तत्काल आवश्यकता भी पूरी करेगा। यह परियोजना व्यावसायिक कोयला यातायात में अनुमानित वृद्धि को सहजता से संभालेगी तथा उत्तर प्रदेश के विद्युत गृहों को ईंधन आपूर्ति के लिए कार्यरत दो प्रमुख विद्युत उत्पादन संस्थाओं की लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी।
विशेष रूप से, यह परियोजना सहारपुर–जमारपानी कोयला ब्लॉक (क्षमता 5.38 एमटीपीए) का समर्थन करेगी, जिसका संचालन उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) द्वारा उत्तर प्रदेश स्थित जवाहर पावर प्लांट के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त, यह राजमहल कोयला क्षेत्र के पचवारा साउथ ब्लॉक (क्षमता 9 एमटीपीए) की आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी, जिसका संचालन नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन (NLC) द्वारा घाटमपुर पावर प्लांट के लिए किया जाता है। यह विद्युत संयंत्र उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन का संयुक्त उपक्रम है।
इस परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा कि पूर्व रेलवे औद्योगिक विकास और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। न्यू मदनपुर को एक पूर्ण माल ढुलाई स्टेशन के रूप में विकसित करने से एक साथ दो उद्देश्यों की पूर्ति होगी—एक ओर विद्युत क्षेत्र को आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर दुमका के लोगों को अधिक स्वच्छ, शांत और सुविधाजनक स्टेशन वातावरण का उपहार मिलेगा।



