आरोग्यम हॉस्पिटल द्वारा सीएसआर गतिविधि के तहत विधि के विद्यार्थियों के हित के यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज में किया गया मूट कोर्ट रूम का निर्माण
समाज में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हमारा प्रयास और योगदान निरंतर रहेगा जारी- हर्ष अजमेरा

आरोग्यम हॉस्पिटल द्वारा सीएसआर गतिविधि के तहत विधि के विद्यार्थियों के हित के यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज में किया गया मूट कोर्ट रूम का निर्माण
लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों को नानी पालकीवाला मेमोरियल मूट कोर्ट रूम का मिला सौगात, प्रैक्टिकल में होगी सहूलियत
मूट कोर्ट छात्रों को अदालत की कार्यवाही का एक समग्र विचार देगा – न्यायमूर्ति रत्नाकर भेंगड़ा
समाज में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हमारा प्रयास और योगदान निरंतर रहेगा जारी- हर्ष अजमेरा

हजारीबाग: विधि के छात्रों के शिक्षा में प्रगति लाने के लिए एक विशेष पहल करते हुए न्यायालय में उपस्थित होने से लेकर उसमें की जाने वाली कार्यवाहियों का समुचित ज्ञान इन्हें हो सके इसके लिए एक काल्पनिक या कृत्रिम कोर्ट रूम बनाया जाता है जो बिल्कुल न्यायालय की तरह ही होती है। यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज, हजारीबाग परिसर में लॉ के विद्यार्थियों के हित में शहर के एकमात्र निजी सुपरस्पेशलटी
हॉस्पिटल आरोग्यम सुपरस्पेशलटी हॉस्पिटल द्वारा सीएसआर गतिविधि के तहत यहां मूट कोर्ट रूम के निर्माण के बाद इसे शुक्रवार को सौगात स्वरूप दिया गया। विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिसर में यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज प्रांगण में
शुक्रवार को बतौर मुख्य अतिथि झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति

रत्नाकर भेंगड़ा, विशिष्ट अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ मुकुल नारायण देव, झारखंड स्टेट बार काउंसिल रांची के अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा, आरोग्यम हॉस्पिटल के निदेशक हर्ष अजमेरा, विनोबा विश्वविद्यालय हजारीबाग यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज के डायरेक्टर डॉ के. कुमार और प्राचार्य जयदीप सन्याल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर उद्घाटन किया। इस उद्घाटन
कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कुलपति प्रो. डॉ मुकुल नारायण देव ने की वहीं आरोग्यम हॉस्पिटल द्वारा प्रायोजित समारोह का संचालन यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज, हजारीबाग के फैकल्टी सदस्य डॉ. लक्ष्मी सिंह व डॉ. रश्मि प्रधान के द्वारा किया गया। लॉ कॉलेज के प्राध्यापकों द्वारा सभी अतिथियों को बुके, मोमेंटम और शॉल देकर सम्मानित किया गया।

उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि सभा को संबोधित करते न्यायमूर्ति रत्नाकर भेंगड़ा ने सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ कानूनी ज्ञान के व्यावहारिक पहलुओं पर जोर दिया और कहा कि मूट कोर्ट छात्रों को अदालत की कार्यवाही का एक समग्र विचार देगा। उन्होंने अपने उस समय का भी उल्लेख किया जब कॉलेजों में मूट कोर्ट की अवधारणा नहीं थी और कहा कि यह मूट कोर्ट छात्रों को कानूनी क्षेत्र में मदद करेगा। यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज में अध्ययनरत छात्रों के लिए आरोग्यम हॉस्पिटल द्वारा बनाए गए इस मूट कोर्ट रूम को भविष्य के लिए वरदान बताते हुए हॉस्पिटल के युवा निदेशक हर्ष अजमेरा को इस नेक काम के लिए बधाई दिया। विशिष्ट अतिथि आरोग्यं हॉस्पिटल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हमारा यह प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।

विभावि के कुलपति एवं लॉ कॉलेज के डायरेक्टर ने अपने भाषण में अतिथियों का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर अपनी उपस्थिति से समारोह की प्रतिष्ठा बढ़ाई और मूट कोर्ट रूम का सौगात विधि छात्रों को देने के लिए आरोग्यम हॉस्पिटल के निदेशक हर्ष अजमेरा को यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज और विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिवार की ओर से ढेरों बधाई दिया। समारोह का समापन आरोग्यम हॉस्पिटल के सीएमओ रजत चक्रवर्ती द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया ।

उक्त उद्घाटन समारोह में विशेष रूप से लॉ कॉलेज के डायरेक्टर डॉ कौशलेंद्र कुमार, प्राचार्य डॉ जयदीप सान्याल, सभी संकाय सदस्यों, प्रिय छात्रों और सभी महत्वपूर्ण अतिथियों की कड़ी मेहनत और उपस्थिति के कारण सफल रहा। मौके पर मुख्य रूप से आरोग्यम हॉस्पिटल के सीएमओ डॉ. रजत चक्रवर्ती, महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. रंजना शरण, हॉस्पिटल के प्रबंधन से जुड़े राजीव सिंह, रवि सिंह, हर्ष अजमेरा के मित्र लखन खंडेलवाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे ।





