अगस्त 2025 जामताड़ा जिले के लोगों के लिए ऐतिहासिक दिन साबित हुआ।
सन् 1981 में डीवीसी द्वारा एस ओ पी जिसे बाद में एस आई पी वर्तमान में सीएसआर के कार्यक्रम शुरुआत की गई थी।

अगस्त 2025 जामताड़ा जिले के लोगों के लिए ऐतिहासिक दिन साबित हुआ।
जामताड़ा : सन् 1981 में डीवीसी द्वारा एस ओ पी जिसे बाद में एस आई पी वर्तमान में सीएसआर के कार्यक्रम शुरुआत की गई थी। उसके 43 वर्ष बाद, 30 अगस्त 2025 को जामताड़ा के केलाही गाँव में डीवीसी सीएसआर द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित कर अंततः डीवीसी ने यहाँ सीएसआर गतिविधियों की शुरुआत की। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पुर्व माननीय संसद, विधायक,राज्य मंत्री श्रीमान फुरकान अंसारी महोदय उपस्थित थें।

दामोदर घाटी विस्थापित एवं स्थानीय समन्वय समिति लगातार जामताड़ा डीवीसी सीएसआर लागू करने की माँग करती आ रही थी। समिति के महासचिव श्री उत्पल चक्रवर्ती ने माननीय मुख्यमंत्री, माननीय केंद्रीय ऊर्जा मंत्री, माननीय प्रधानमंत्री, माननीय उपायुक्त, जामताड़ा तथा माननीय डीवीसी अध्यक्ष को कई बार पत्राचार किया। समिति की पहल पर विधायक प्रतिनिधि मो. कुद्दुस अंसारी के प्रयास से माननीय विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने भी विधानसभा में यह मुद्दा बार-बार उठाया।

अंततः माननीय डीवीसी अध्यक्ष, मैथन परियोजना प्रमुख तथा उनकी सीएसआर टीम के माध्यम से यह लम्बित माँग पूरी हुई।

समिति अपनी गहरी कृतज्ञता प्रकट करती है सभी सदस्यों के प्रति, जिनमें इकाई सचिव श्री अमर शॉ, उपाध्यक्ष रबिन मिर्धा, बदन दास, सुभाष मंडल, दीनेश हांसदा और वे मीडिया कर्मी शामिल हैं जिन्होंने लगातार इस मुद्दे को उजागर किया। साथ ही हम डीवीसी प्रबंधन, माननीय उपायुक्त महोदय मम, जामताड़ा, माननीय विधायक एवं मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, तथा धनबाद और गिरिडीह के माननीय सांसदों को भी धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने विस्थापितों की समस्याओं को सदन में बार-बार उठाया।




