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Venezuela Earthquake: एक मिनट में आए दो भीषण भूकंपों ने मचाई तबाही, USGS का बड़ा अनुमान- 10 हजार से अधिक मौतों की आशंका

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी है। महज एक मिनट के अंतराल में महसूस किए गए इन तेज झटकों के बाद कई इलाकों में इमारतें ढह गईं

Venezuela Earthquake: एक मिनट में आए दो भीषण भूकंपों ने मचाई तबाही, USGS का बड़ा अनुमान- 10 हजार से अधिक मौतों की आशंका

Venezuela : दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी है। महज एक मिनट के अंतराल में महसूस किए गए इन तेज झटकों के बाद कई इलाकों में इमारतें ढह गईं, बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा और एयरपोर्ट समेत कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। शुरुआती रिपोर्टों के बीच अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने संभावित जनहानि को लेकर बड़ा अनुमान जारी किया है, जिसने दुनिया भर का ध्यान इस आपदा की ओर खींच लिया है।

USGS ने जताई बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस विनाशकारी भूकंप में मृतकों की संख्या हजारों में पहुंच सकती है। एजेंसी ने अनुमान व्यक्त किया है कि मौतों का आंकड़ा 10 हजार से लेकर 1 लाख तक हो सकता है। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मृतकों और घायलों की संख्या जारी नहीं की है, लेकिन विभिन्न क्षेत्रों से भारी तबाही और राहत-बचाव अभियान की तस्वीरें सामने आ रही हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई इमारतें कुछ ही सेकंड में धराशायी हो गईं, जबकि अस्पतालों और आपात सेवाओं पर अचानक दबाव बढ़ गया है।

एक मिनट में आए दो शक्तिशाली झटके

भूकंप विज्ञानियों के अनुसार पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था, जिसका केंद्र कैरिबियाई तट के पास मोरोन क्षेत्र के पश्चिम में स्थित था। इसकी गहराई लगभग 13 किलोमीटर दर्ज की गई। पहले झटके के कुछ ही क्षण बाद दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 7.5 मापी गई।

दूसरे भूकंप का केंद्र मोरोन के दक्षिण-पश्चिम में स्थित था और इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम गहराई पर आए भूकंप अत्यधिक विनाशकारी साबित होते हैं क्योंकि उनकी ऊर्जा सीधे धरातल तक पहुंचती है।

राजधानी काराकस समेत कई शहरों में नुकसान

भूकंप का असर राजधानी काराकस सहित देश के कई हिस्सों में महसूस किया गया। सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में ऊंची इमारतों में दरारें, सड़कों को नुकसान और कई भवनों के ढहने की खबरें सामने आई हैं। कुछ क्षेत्रों में संचार और बिजली सेवाएं भी प्रभावित होने की सूचना है।

राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है और बचाव दलों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

कम गहराई बना तबाही का सबसे बड़ा कारण

विशेषज्ञों के अनुसार इस आपदा की गंभीरता के पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारण भूकंप की कम गहराई है। दोनों झटके जमीन की सतह से मात्र 10 से 13 किलोमीटर नीचे उत्पन्न हुए। सामान्य तौर पर जब भूकंप अधिक गहराई पर आता है तो उसकी ऊर्जा का एक हिस्सा रास्ते में ही खत्म हो जाता है, लेकिन कम गहराई वाले भूकंप में ऊर्जा सीधे सतह तक पहुंचती है, जिससे झटकों की तीव्रता और विनाशकारी प्रभाव बढ़ जाता है।

यही वजह है कि प्रभावित क्षेत्रों में इमारतों को व्यापक नुकसान पहुंचा और लोग घबराकर घरों तथा कार्यालयों से बाहर निकल आए।

आफ्टरशॉक को लेकर जारी हुई चेतावनी

भूकंप विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कई आफ्टरशॉक महसूस किए जा सकते हैं। इनमें से कुछ झटके काफी तेज भी हो सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

देशभर में इमरजेंसी घोषित

आपदा के बाद वेनेजुएला सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर इमरजेंसी घोषित कर दी है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा है कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में कहा कि वह जल्द ही राष्ट्र को संबोधित कर भूकंप के बाद की स्थिति और सरकार की कार्रवाई की जानकारी देंगी। प्रशासन ने सभी सरकारी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।

राहत और बचाव कार्य जारी

भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में सेना, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर दी जा रही है। आने वाले घंटों में नुकसान और हताहतों के वास्तविक आंकड़े सामने आने की उम्मीद है।

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