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Muharram 2026: फीता लेकर ताजिए की ऊंचाई नापते दिखे ASP अनुज चौधरी, वायरल वीडियो ने खींचा लोगों का ध्यान

मुहर्रम की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। जिले के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुज चौधरी खुद फीता लेकर ताजियों की ऊंचाई मापते नजर आए।

Muharram 2026: फीता लेकर ताजिए की ऊंचाई नापते दिखे ASP अनुज चौधरी, वायरल वीडियो ने खींचा लोगों का ध्यान

मुहर्रम की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। जिले के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुज चौधरी खुद फीता लेकर ताजियों की ऊंचाई मापते नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी यह सक्रियता अब इंटरनेट पर वायरल हो रही है और लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।

मुहर्रम जुलूस से पहले मैदान में उतरे ASP अनुज चौधरी

फिरोजाबाद में मुहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी कड़ी में ASP अनुज चौधरी ने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और जुलूस मार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वे स्वयं ताजियों की ऊंचाई मापते दिखाई दिए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कदम किसी धार्मिक गतिविधि में हस्तक्षेप के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है ताकि जुलूस के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

आखिर क्यों नापी जा रही है ताजियों की ऊंचाई?

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ASP अनुज चौधरी ने बताया कि मुहर्रम जुलूस के दौरान कई स्थानों पर बिजली के तार, संकरी गलियां और अन्य बाधाएं मौजूद रहती हैं। ऐसे में यदि ताजिए निर्धारित मानक से अधिक ऊंचे होंगे तो दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।

उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा तय मानकों के अनुसार ताजिए की कुल ऊंचाई लगभग 10 फीट रखी गई है। इसमें 6 से 7 फीट का ताजिया और लगभग 3 फीट ऊंची गाड़ी शामिल होती है। जहां कहीं भी तय सीमा से अधिक ऊंचाई वाले ताजियों की सूचना मिली, वहां उनकी ऊंचाई कम कराने की कार्रवाई की गई।

लगातार की जा रही है पेट्रोलिंग और निगरानी

पुलिस प्रशासन मुहर्रम को लेकर संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी वजह से जुलूस मार्गों का भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है और संभावित जोखिम वाले स्थानों को पहले से चिन्हित किया जा रहा है।

ASP अनुज चौधरी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी श्रद्धालु या स्थानीय नागरिक को कोई नुकसान न पहुंचे और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।

पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं अनुज चौधरी

ASP अनुज चौधरी का नाम इससे पहले भी कई चर्चित मामलों में सामने आ चुका है। पुलिस सेवा में आने से पहले वे संभल में क्षेत्राधिकारी (CO) के पद पर तैनात रह चुके हैं। नवंबर 2024 में संभल स्थित शाही जामा मस्जिद सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा के बाद भी उनका नाम सुर्खियों में रहा था।

उस दौरान सर्वेक्षण के विरोध में प्रदर्शन हिंसक हो गया था और सुरक्षा बलों के साथ झड़प की घटनाएं सामने आई थीं। हिंसा में कई लोगों की मौत हुई थी और अनेक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर विभिन्न आरोप लगाए गए थे, हालांकि अनुज चौधरी ने उन आरोपों को खारिज किया था।

वायरल वीडियो पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं

फिरोजाबाद में ताजियों की ऊंचाई मापते ASP अनुज चौधरी का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे सुरक्षा व्यवस्था के प्रति प्रशासन की गंभीरता बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे असामान्य प्रशासनिक पहल के रूप में देख रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन का कहना है कि मुहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं और सुरक्षा मानकों का पालन कराना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

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