JPSC परीक्षा विवाद ने पकड़ा तूल: छात्रों का उग्र प्रदर्शन, CBI जांच की मांग तेज; BJP ने कांग्रेस और झारखंड सरकार को घेरा
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य की राजनीति और छात्र आंदोलन दोनों तेज हो गए हैं।

JPSC परीक्षा विवाद ने पकड़ा तूल: छात्रों का उग्र प्रदर्शन, CBI जांच की मांग तेज; BJP ने कांग्रेस और झारखंड सरकार को घेरा
रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य की राजनीति और छात्र आंदोलन दोनों तेज हो गए हैं। परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों के बीच शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया और पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी छात्रों के समर्थन में मोर्चा खोलते हुए झारखंड सरकार और कांग्रेस पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
छात्रों के समर्थन में उतरी BJP, सरकार पर लगाए लीपापोती के आरोप
JPSC परीक्षा विवाद को लेकर बीजेपी सांसदों ने संसद परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार मामले की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय उसे दबाने की कोशिश कर रही है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं तो पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस के रुख पर भी उठे सवाल
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि संसद में पेपर लीक जैसे मामलों पर मुखर रहने वाली पार्टी झारखंड के इस मामले में चुप्पी क्यों साधे हुए है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या झारखंड के छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय पर कांग्रेस का अलग नजरिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अन्य राज्यों में परीक्षा से जुड़े मामलों पर आवाज उठाई जाती है तो झारखंड के अभ्यर्थियों के मुद्दे पर भी समान संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए।
पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से लगातार तीसरे दिन पूछताछ
JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से लगातार तीसरे दिन लंबी पूछताछ की। कई घंटे चली पूछताछ के बाद उन्हें जाने की अनुमति दी गई, लेकिन जांच अभी जारी है। जांच एजेंसी ने उन्हें सोमवार को दोबारा पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच
सूत्रों के अनुसार, CID भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र प्रबंधन और परीक्षा आयोजित करने वाली निजी एजेंसी की भूमिका समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान भी किया जा रहा है। फिलहाल एजेंसी की ओर से पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पासपोर्ट जब्त, सरकारी आवास और कार्यालय में पहले हो चुकी है कार्रवाई
जांच के दौरान CID ने एल. ख्यांग्ते का पासपोर्ट भी अपने कब्जे में ले लिया है, ताकि जांच पूरी होने तक उनके विदेश जाने की संभावना न रहे। इससे पहले जांच एजेंसी कांके रोड स्थित उनके सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में उनके कक्ष की तलाशी भी ले चुकी है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड जांच के लिए जब्त किए गए थे।
निजी परीक्षा एजेंसी के दफ्तर में भी हुई तलाशी
जांच के दायरे में परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी TSR Data Processing Private Limited (TDPL) भी है। CID ने एजेंसी के कार्यालय में छापेमारी कर परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। वहीं JPSC कार्यालय से OMR शीट, कंप्यूटर और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।
11 लोगों की गिरफ्तारी, उप परीक्षा नियंत्रक भी शामिल
JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में CID अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का नाम भी शामिल है। जांच एजेंसी फिलहाल पांच आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की भूमिका की गहन पड़ताल में जुटी हुई है।
एक अभ्यर्थी भी गिरफ्तार, पूछताछ में स्वीकार किया अपराध
CID ने जांच के दौरान झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के अभ्यर्थी सुमन सौरभ को हजारीबाग पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसने कथित तौर पर अनुचित तरीकों का इस्तेमाल कर परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया है। हालांकि, उसके पास से OMR शीट की कार्बन कॉपी बरामद नहीं हुई है। CID का कहना है कि मामले की जांच जारी है और नए साक्ष्य मिलने पर आगे भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी हो रही जांच
जांच एजेंसी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच छात्र संगठन परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।


