India AI Impact Summit 2026 में चमका गिरिडीह का सुशासन मॉडल “Giridih’s Governance Transformation” लेख में उपायुक्त रामनिवास यादव के नेतृत्व की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
गिरीडीह जिले की प्रशासनिक कार्यशैली, डिजिटल सुशासन और जनकेंद्रित विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। प्रतिष्ठित India AI Impact Summit 2026 के दौरान प्रकाशित विशेषांक में “Giridih’s Governance Transformation” शीर्षक से प्रकाशित लेख में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव के नेतृत्व में जिले में हो रहे परिवर्तनकारी कार्यों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

India AI Impact Summit 2026 में चमका गिरिडीह का सुशासन मॉडल “Giridih’s Governance Transformation” लेख में उपायुक्त रामनिवास यादव के नेतृत्व की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : गिरीडीह जिले की प्रशासनिक कार्यशैली, डिजिटल सुशासन और जनकेंद्रित विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। प्रतिष्ठित India AI Impact Summit 2026 के दौरान प्रकाशित विशेषांक में “Giridih’s Governance Transformation” शीर्षक से प्रकाशित लेख में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव के नेतृत्व में जिले में हो रहे परिवर्तनकारी कार्यों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

लेख में गिरीडीह जिले की प्रशासनिक सोच को “एकीकृत, समावेशी और तकनीक आधारित सुशासन” के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें बताया गया है कि जिला प्रशासन ने आधारभूत संरचना को मजबूत करने, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने तथा डिजिटल तकनीकों के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों तक समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि डिजिटल गवर्नेंस, निगरानी तंत्र की मजबूती, पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देने के माध्यम से जिले में विकास को नई गति दी जा रही है।

लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि गिरीडीह प्रशासन भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों, युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख अवसरों तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों पर विशेष रूप से कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर गिरीडीह जिले की उपलब्धियों को स्थान मिलना न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह जिले में चल रहे विकासात्मक प्रयासों, पारदर्शी प्रशासन और जनहितकारी कार्यों की प्रभावशीलता का भी प्रमाण माना जा रहा है।

जन समाधान पोर्टल बना सुशासन की मिसाल विशेषांक में “जन समाधान पोर्टल, गिरीडीह” को एक प्रभावी Single Window Grievance Redressal System के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों को शिकायत दर्ज करने, उसकी स्थिति ट्रैक करने और समयबद्ध समाधान प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान की जाती है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है।

उपायुक्त रामनिवास यादव ने बताया कि जिले में प्रत्येक शनिवार को फील्ड विजिट और जमीनी निरीक्षण की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा सके। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है तथा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना संभव हो सका है।

डिजिटल मॉनिटरिंग और तकनीकी सुधारों को मिली सराहना लेख में पोषण ट्रैकर, जन वितरण प्रणाली की डिजिटल निगरानी, भूमि अभिलेखों के ऑनलाइन आवेदन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की मॉनिटरिंग तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने हेतु डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी पहलों को भी सराहा गया है। इन तकनीकी सुधारों से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है और ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हुई है।
रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस जिला प्रशासन द्वारा रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल की जा रही है। मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा विभिन्न कृषि एवं स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों, लघु उद्योगों एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार किए गए हैं।
युवाओं के कौशल विकास हेतु पीएमकेवीवाई केंद्रों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों तथा ब्लॉक स्तरीय स्किल हब के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। रोजगार मेलों, कैंपस प्लेसमेंट एवं उद्यमिता कार्यशालाओं के जरिए युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक विज्ञान एवं आईसीटी लैब, शिक्षक प्रशिक्षण, नियमित मूल्यांकन और रिमेडियल कक्षाओं के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण तथा टेलीमेडिसिन सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
महिला सशक्तिकरण योजनाओं का मिला उल्लेख लेख में झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना एवं सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया है। इन योजनाओं से महिलाओं एवं किशोरियों को आर्थिक सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण का लाभ मिल रहा है।
जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि को जिले की पूरी टीम, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मियों एवं आम नागरिकों के सहयोग का परिणाम बताते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया है।




