AIM Congress 2026: दुबई में बिहार का ग्लोबल इन्वेस्टमेंट मिशन, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने किया बिहार पवेलियन का उद्घाटन
बिहार अब सिर्फ देश के भीतर निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वैश्विक निवेशकों के सामने भी अपनी औद्योगिक क्षमता और नए अवसरों को मजबूती से रखने की तैयारी कर चुका है।

AIM Congress 2026: दुबई में बिहार का ग्लोबल इन्वेस्टमेंट मिशन, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने किया बिहार पवेलियन का उद्घाटन
Dubai AIM Congress 2026: बिहार अब सिर्फ देश के भीतर निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वैश्विक निवेशकों के सामने भी अपनी औद्योगिक क्षमता और नए अवसरों को मजबूती से रखने की तैयारी कर चुका है। इसी दिशा में बिहार सरकार ने दुबई में आयोजित Annual Investment Meeting (AIM) Congress 2026 में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित इस वैश्विक निवेश सम्मेलन में बिहार पवेलियन का उद्घाटन उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने किया।
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, IAS के साथ वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बिहार पवेलियन का उद्घाटन किया। इस पवेलियन के जरिए दुनिया के निवेशकों को बिहार में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों, नई नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशक-अनुकूल माहौल की जानकारी दी जा रही है।

7 से 9 सितंबर तक AIM Congress 2026 में बिहार की भागीदारी
बिहार 7 से 9 सितंबर 2026 तक दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित AIM Congress के 15वें संस्करण में हिस्सा ले रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार का मुख्य उद्देश्य राज्य को वैश्विक निवेशकों के सामने एक ऐसे औद्योगिक गंतव्य के रूप में पेश करना है, जहां निवेश के लिए नए अवसर तेजी से तैयार हो रहे हैं।
बिहार सरकार इस मंच के जरिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, बिजनेस प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं तक राज्य की औद्योगिक क्षमता पहुंचाने की कोशिश कर रही है। सरकार का जोर बिहार को एक उभरते हुए, प्रतिस्पर्धी और निवेश के लिए तैयार राज्य के रूप में स्थापित करने पर है।

श्रेयसी सिंह ने बताया बिहार के औद्योगिक इकोसिस्टम में बदलाव
पवेलियन के उद्घाटन के दौरान उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने बिहार के तेजी से बदलते औद्योगिक इकोसिस्टम और विभिन्न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पैदा हो रहे निवेश अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ दुनिया की बड़ी कंपनियों और वैश्विक कारोबारी समूहों के साथ मजबूत साझेदारी स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि AIM Congress जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच बिहार को निवेशकों के साथ सीधे संवाद करने और राज्य में उपलब्ध संभावनाओं को सामने रखने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा, “AIM Congress में हमारी सहभागिता के माध्यम से हम सार्थक साझेदारियां स्थापित करने और निवेशकों की रुचि को बिहार के लिए ठोस निवेश अवसरों में परिवर्तित करने की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद करते हैं।”

कुंदन कुमार बोले- निवेशकों के लिए तैयार है बिहार
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, IAS ने AIM Congress को बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच बताया। उनके अनुसार, यहां बिहार अपने विकसित होते औद्योगिक इकोसिस्टम, बेहतर होते बुनियादी ढांचे और अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद निवेश संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत के सामने प्रस्तुत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में औद्योगिक लैंड बैंक लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे में सुधार, क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां और Ease of Doing Business पर विशेष ध्यान राज्य को निवेश के लिए अधिक अनुकूल बना रहे हैं।
कुंदन कुमार के मुताबिक बिहार विभिन्न क्षेत्रों में निवेश का स्वागत करने के लिए तैयार है और AIM Congress के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को राज्य में मौजूद अवसरों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में दुबई पहुंचा बिहार का प्रतिनिधिमंडल
AIM Congress 2026 में बिहार के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह कर रही हैं। प्रतिनिधिमंडल में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, IAS, उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, IAS सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित करना और बिहार में संभावित निवेश को लेकर कारोबारी अवसरों पर चर्चा करना है।
बिहार पवेलियन में दिख रहा राज्य का नया औद्योगिक मॉडल
दुबई में तैयार बिहार पवेलियन को राज्य के औद्योगिक विकास और निवेश क्षमता को प्रदर्शित करने के प्रमुख केंद्र के रूप में पेश किया जा रहा है। यहां बिहार के औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अलग-अलग सेक्टर की क्षमताओं, निवेश के अवसरों, नीतिगत प्रोत्साहनों और निवेशक-अनुकूल सुधारों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
पवेलियन में आने वाले संभावित निवेशकों को बिहार के तेजी से विकसित होते औद्योगिक परिदृश्य से परिचित कराया जा रहा है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि राज्य में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए सरकार किस तरह की नीतिगत और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
इन नई नीतियों पर है बिहार सरकार का खास फोकस
AIM Congress 2026 में बिहार की ओर से कई महत्वपूर्ण औद्योगिक और सेक्टर आधारित नीतियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। इनमें बिहार इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पैकेज, 2025, बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी, 2026, बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी, 2026, बिहार टेक्सटाइल एंड लेदर पॉलिसी (संशोधित), 2022, बिहार टूरिज्म पॉलिसी और आईटी पॉलिसी शामिल हैं।
इन नीतियों के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और निवेशकों के सामने रखा जा रहा है।
औद्योगिक लैंड बैंक और प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना आकर्षण
बिहार पवेलियन में केवल नीतियों और योजनाओं की जानकारी ही नहीं दी जा रही, बल्कि राज्य में तेजी से विस्तार कर रहे Industrial Land Bank को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।
इसके साथ ही Plug-and-Play Infrastructure, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने वाले नीतिगत सुधारों को भी निवेशकों के सामने रखा जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को बिहार में उद्योग स्थापित करने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं और नीतिगत समर्थन की स्पष्ट जानकारी एक ही मंच पर मिल सके।
ग्लोबल निवेशकों से साझेदारी बढ़ाने की कोशिश
AIM Congress 2026 में बिहार की भागीदारी को राज्य की वैश्विक निवेश रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने बिहार अपनी औद्योगिक क्षमता, सेक्टर आधारित नीतियों और भविष्य में विकसित होने वाले कारोबारी अवसरों को पेश कर रहा है।
सरकार का लक्ष्य केवल निवेश प्रस्ताव हासिल करना नहीं, बल्कि वैश्विक कंपनियों के साथ ऐसे कारोबारी संबंध विकसित करना भी है, जो बिहार में औद्योगिक गतिविधियों, रोजगार और आर्थिक विकास को आगे बढ़ा सकें।
बिहार को ग्लोबल इंडस्ट्रियल डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में कदम
दुबई में AIM Congress 2026 के मंच पर बिहार की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार निवेश आकर्षित करने के लिए राष्ट्रीय सीमाओं से आगे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक अपनी पहुंच बनाने पर जोर दे रही है।
नई औद्योगिक नीतियों, बढ़ते लैंड बैंक, प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और Ease of Doing Business पर फोकस के साथ बिहार वैश्विक निवेशकों को राज्य में उपलब्ध अवसरों से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि दुबई के इस अंतरराष्ट्रीय निवेश मंच से बिहार को कितनी नई साझेदारियां और निवेश के अवसर हासिल होते हैं।




