5 अगस्त से प्रकाशित हुई प्रारूप मतदाता सूची, 4 सितंबर तक करें दावा-आपत्ति; डीसी रामनिवास यादव ने जारी की अहम अपील
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत गिरिडीह जिले में प्रारूप मतदाता सूची और ASDDF सूची का प्रकाशन कर दिया गया है।

5 अगस्त से प्रकाशित हुई प्रारूप मतदाता सूची, 4 सितंबर तक करें दावा-आपत्ति; डीसी रामनिवास यादव ने जारी की अहम अपील
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह, 05 अगस्त: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत गिरिडीह जिले में प्रारूप मतदाता सूची और ASDDF सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रामनिवास यादव ने बुधवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 05 अगस्त से 04 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 07 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी।

उपायुक्त ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले के सभी 2,586 मतदान केंद्रों पर प्रारूप मतदाता सूची एवं ASDDF सूची प्रकाशित कर दी गई है। ASDDF सूची में शामिल मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि छह विधानसभा क्षेत्रों में गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है। इसके आधार पर मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, पूर्व से पंजीकृत, अनुपस्थित एवं अन्य श्रेणी के मतदाताओं की ASDDF सूची तैयार की गई है।
उपायुक्त ने जिले के सभी नागरिकों से अपने-अपने मतदान केंद्र पर जाकर मतदाता सूची में अपना और परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम जांचने की अपील की। जिनका नाम सूची में नहीं है या किसी प्रकार की त्रुटि है, वे निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। 01 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी प्रपत्र-6 के जरिए नया नाम जुड़वा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आवेदन बीएलओ, ECINET मोबाइल ऐप और Voters Portal के माध्यम से ऑनलाइन भी किए जा सकते हैं। परिवार के किसी सदस्य का नाम अलग मतदान केंद्र या अनुभाग में होने पर प्रपत्र-8 के जरिए संशोधन या स्थानांतरण कराया जा सकता है।
प्रेस वार्ता में उपायुक्त ने विशेष अभियान की भी जानकारी दी। 08-09 अगस्त और 22-23 अगस्त को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। 15 अगस्त को पंचायत भवनों में ग्राम सभाएं आयोजित होंगी, जबकि 25 अगस्त से 04 सितंबर तक Home-to-Roll Verification अभियान चलाकर पात्र मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में अभिलेखों में विसंगति मिलेगी या आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं होगी, उन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए निर्वाचन आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रेस वार्ता में उप निर्वाचन पदाधिकारी पायल राज, निर्वाचन शाखा के अधिकारी तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




