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घंघरीकुरा दुग्ध कृषक उत्पादक सहकारी समिति के BODs एवं CEO के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) एवं जागो फाउंडेशन के सहयोग से घंघरीकुरा दुग्ध कृषक उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा BODs एवं CEO के लिए तीन दिवसीय Training & Capacity Building कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

घंघरीकुरा दुग्ध कृषक उत्पादक सहकारी समिति के BODs एवं CEO के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

गिरिडीह: मनोज कुमार।

गिरिडीह : National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD) एवं जागो फाउंडेशन के सहयोग से घंघरीकुरा दुग्ध कृषक उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा BODs एवं CEO के लिए तीन दिवसीय Training & Capacity Building कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य संस्था के बोर्ड सदस्यों और मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) की क्षमता को मजबूत करना तथा संस्था के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला विकास प्रबंधक (NABARD) आशुतोष प्रकाश, जिला गव्य विकास पदाधिकारी दीपेंद्र सिंह, जिला मत्स्य पदाधिकारी मुजाहिद अंसारी, जागो फाउंडेशन के सचिव बैद्यनाथ तथा RSETI के प्रतिनिधि बी.एम. झा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत में जागो फाउंडेशन के सचिव बैद्यनाथ ने प्रशिक्षण के उद्देश्य और विषय-वस्तु पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से बोर्ड सदस्यों एवं CEO को संस्था के प्रबंधन, सरकारी योजनाओं की जानकारी, वित्तीय प्रबंधन तथा किसान हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी, जिससे संस्था का संचालन और अधिक सशक्त एवं पारदर्शी बन सके।

इस अवसर पर DDM NABARD आशुतोष प्रकाश ने नाबार्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और किसान उत्पादक संगठनों के लिए उपलब्ध सहयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नाबार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने और संस्थागत विकास के लिए कई प्रकार की योजनाएं संचालित कर रहा है, जिनका लाभ उठाकर किसान समूह और सहकारी संस्थाएं अपनी गतिविधियों को मजबूत बना सकते हैं।

जिला गव्य विकास पदाधिकारी दीपेंद्र सिंह ने डेयरी विकास से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि डेयरी क्षेत्र में किसानों के लिए कई प्रकार की सहायता योजनाएं उपलब्ध हैं, जिनसे पशुपालकों की आय में वृद्धि संभव है। उन्होंने दूध उत्पादन, पशुपालन प्रबंधन तथा सरकारी योजनाओं से जुड़ने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से जानकारी दी।

वहीं जिला मत्स्य पदाधिकारी मुजाहिद अंसारी ने मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि किसान मछली पालन के साथ-साथ बतख पालन को अपनाकर भी अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मत्स्य पालन को एक लाभदायक व्यवसाय बनाने पर जोर दिया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें संस्था के बोर्ड सदस्य और CEO विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को संस्था के बेहतर संचालन, नेतृत्व क्षमता, सरकारी योजनाओं के लाभ तथा ग्रामीण आजीविका के नए अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में वीरेन्द्र वर्मा, विकास जॉनी तथा किशन रजक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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