100 साल पुराना फर्जी कागजात के आधार पर दूसरे खाता नंबर की जमीन की हुई बिक्री
भु-माफियाओं की हिम्मत देखिए कि रैयत को पता भी नहीं चलता और उसकी जमीन की रजिस्ट्री निबंधन कार्यालय से रजिस्टड हो रही है ।

100 साल पुराना फर्जी कागजात के आधार पर दूसरे खाता नंबर की जमीन की हुई बिक्री —–
रैयत व उसके पड़ोसी ने किया जिला प्रशासन से न्याय की मांग,
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : झारखण्ड के गिरिडीह में इन दिनों जमीन का फर्जीवाड़ा धड़ल्ले से की जा रही है, जिसको लेकर गिरिडीह जिले में जिला प्रशासन से भु-माफियाओं पर नकेल कसने का हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन भु-माफियाओं की हिम्मत देखिए कि रैयत को पता भी नहीं चलता और उसकी जमीन की रजिस्ट्री निबंधन कार्यालय से रजिस्टड हो रही है ।

दरअसल मामला गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के बारासोली स्थित करनपुरा पंचायत की है जहां महेंद्र ठाकुर की बारासोली मौजा में एन एच के किनारे स्थित खाता नम्बर 2, प्लाॅट नम्बर 378 में 6.75 डिसमिल जमीन है जिसका कुछ भुमाफियाओं ने रजिस्ट्री आॅफिस के मदद से रजिस्ट्री करवा लिया।

महेंद्र ठाकुर को इसकी जानकारी तब होती है जब जीतन सिंह पिता स्व. मित नारायण सिंह, नकुल सिंह पिता स्व. ठाकुर मणी सिंह,
सहदेव सिंह पिता स्व. सोनवाल सिंह, पतिया देवी पति स्व. मित नारायण सिंह,चारो साकिन बारासोली, बेंगाबाद निवासी हैं , इन सभी के साथ अन्य कई लोगों ने उस जमीन पर दावेदारी शुरू कर दी।
इस बावत रैयत महेंद्र ठाकुर ने रजिस्ट्री कार्यालय में आवेदन देकर रजिस्ट्री पदाधिकारी से मिलकर इस फर्जीवाड़ा की जानकारी दी और अपने जमीन की कागजात प्रस्तुत किया तो पदाधिकारी ने उक्त रजिस्ट्री को फर्जी बताया और रैयत को आश्वासन दिया कि आपके आवेदन पर फर्जीवाड़ा करने पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बहरहाल रजिस्ट्री पदाधिकारी ने तो न्याय का आश्वासन दे दिया है पर देखना होगा कि रैयत महेंद्र ठाकुर को न्याय कब मिलेगा और फर्जीवाड़ा करने वालों पर कब तक कार्रवाई होती है ।




