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हज़ारीबाग के प्रांजल कुमार ने रचा इतिहास, लगातार दूसरी बार बने नेशनल कराटे चैंपियन l

हज़ारीबाग देहरादून द कोबरा कराटे एकेडमी, हज़ारीबाग के खिलाड़ी प्रांजल कुमार ने एक बार फिर पूरे भारत में झारखंड का परचम लहराया है और झारखण्ड के पहले ऐसे खिलाड़ी बने जिसने लगातार दूसरी बार झारखण्ड के लिए स्वर्ण पदक जीता |

हज़ारीबाग के प्रांजल कुमार ने रचा इतिहास, लगातार दूसरी बार बने नेशनल कराटे चैंपियन l

हज़ारीबाग/देहरादून : द कोबरा कराटे एकेडमी, हज़ारीबाग के खिलाड़ी प्रांजल कुमार ने एक बार फिर पूरे भारत में झारखंड का परचम लहराया है और झारखण्ड के पहले ऐसे खिलाड़ी बने जिसने लगातार दूसरी बार झारखण्ड के लिए स्वर्ण पदक जीता | कराटे इंडिया ऑर्गेनाइजेशन द्वारा 4 से 7 जून 2026 तक उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय कराटे प्रतियोगिता 2026 में प्रांजल ने झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर लगातार दूसरी बार नेशनल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

फाइनल मुकाबले में प्रांजल ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल और गुजरात के खिलाड़ियों को 9-0 के एकतरफा अंतर से हराकर यह उपलब्धि हासिल की। इस जीत के साथ उन्होंने झारखंड के लिए इतिहास रच दिया।

इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में झारखंड टीम ने कुल 1 गोल्ड, 3 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पदक तालिका में 15वां स्थान प्राप्त किया। गौरव की बात यह है कि टीम के लिए आया एकमात्र गोल्ड मेडल द कोबरा कराटे एकेडमी, हज़ारीबाग के प्रांजल कुमार ने ही जीता।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही एकेडमी के अन्य खिलाड़ियों विहान कश्यप, कार्तिक राज गुप्ता, रूबी मुंडा, कुमार उज्ज्वल, सुबी कुमारी और आरव कुमार रॉय ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कई राज्यों को हराकर मेडल राउंड तक अपनी जगह बनाई। इन सभी खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर पूरे हज़ारीबाग और झारखंड को गर्व है।

द कोबरा कराटे एकेडमी के फाउंडर कम हेड कोच सैंपई चंद्र प्रकाश उपाध्याय ने इस टूर्नामेंट में झारखंड टीम के कोच के रूप में भागीदारी निभाई और टीम को इस मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि अब उनका फोकस है कि यहां के खिलाड़ी इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स में मेडल जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन करें। साथ ही उन्होंने उन सभी का स्वागत किया है जो आगे आकर इन खिलाड़ियों को स्पॉन्सर करना चाहते हैं।

गोल्ड मेडल विजेता प्रांजल कुमार ने अपनी इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय कोच सैंपई चंद्र प्रकाश उपाध्याय को दिया। उन्होंने कहा, “कोच साहब ने हर तरीके से मेरा साथ दिया, चाहे वह बेस्ट ट्रेनिंग करवाना हो, फाइनेंशियली सपोर्ट करना हो, सभी उपकरण उपलब्ध कराना हो जो सभी खिलाड़ियों को नहीं मिल पाते, या फिर 6 से 8 घंटे लगातार मेरे साथ मेहनत करना हो। हज़ारीबाग से हम जैसे खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए उन्होंने बहुत कुछ किया है। यह उपलब्धि मेरी 2.5 साल की कड़ी मेहनत का नतीजा है और आज मैं लगातार दूसरी बार नेशनल चैंपियन बना हूं।”

प्रांजल और टीम की इस उपलब्धि पर स्पोर्ट्स कराटे एसोसिएशन ऑफ झारखंड के प्रेसिडेंट हंशी मानस सिन्हा, सेक्रेटरी सेंसेई हेजाज अजदक, सी.ई.ओ. सेंसेई के.के. सिंह, शोटोकान कराटे-डो फेडरेशन ऑफ इंडिया के टेक्निकल डायरेक्टर्स क्योशी नरेन्द्र सिन्हा और शिहान शशि पांडे के साथ-साथ एकेडमी के संरक्षक डॉ. रवीन्द्र कुमार मिश्रा और डॉ. हर्षवर्धन कुमार ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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