सिहोडीह पटेलनगर में जलजमाव से बेहाल लोगों को मिली राहत
नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 स्थित सिहोडीह पटेलनगर में पिछले कई दिनों से जलजमाव की समस्या से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिली।

सिहोडीह पटेलनगर में जलजमाव से बेहाल लोगों को मिली राहत
नगर निगम की मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त व वार्ड पार्षद की पहल लाई रंग
अतिक्रमण करने वालों को लगाई फटकार, जेसीबी से हटाया अतिक्रमण; सड़क किनारे गड्ढा खोद पानी निकासी की बनाई राह
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 स्थित सिहोडीह पटेलनगर में पिछले कई दिनों से जलजमाव की समस्या से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिली। नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। नगर आयुक्त विजय सिंह बिरुवा दल-बल के साथ जलजमाव वाले स्थल पर पहुंचे और पूरे मामले का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को लेकर संबंधित लोगों को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से अतिक्रमण हटाया गया तथा सड़क किनारे गड्ढा खोदकर जमा पानी की निकासी की व्यवस्था कराई गई। पानी निकलने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

बताया गया कि पिछले चार दिनों से नाली का गंदा पानी सड़क पर जमा था और कई घरों में भी पानी प्रवेश कर रहा था। जलजमाव के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया था। बारिश के बाद स्थिति और भी भयावह हो जाती थी। सड़क पर जगह-जगह पानी जमा रहने के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सड़क नहीं बल्कि स्विमिंग पूल बन गया हो। जलजमाव के कारण गंदगी और दुर्गंध भी फैल रही थी, जिससे आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई थी।

स्थानीय लोगों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम की मेयर प्रमिला मेहरा, डिप्टी मेयर सुमित कुमार, वार्ड पार्षद अशोक राम, नगर आयुक्त विजय सिंह बिरुवा और सिटी मैनेजर मंजूर आलम समेत नगर निगम के कई पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समस्या के समाधान की दिशा में पहल की।
नगर निगम की टीम द्वारा पानी की निकासी कराए जाने के दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की काफी भीड़ जुट गई। लोगों ने जलजमाव से तत्काल राहत मिलने पर नगर निगम प्रशासन की पहल की सराहना की। हालांकि, स्थानीय लोगों ने स्थायी नाली निर्माण और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था कराने की मांग भी दोहराई, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।




