सात दिन चला ऑपरेशन, 30 हाथियों का झुंड सुरक्षित निकला गिरिडीह वन क्षेत्र से बाहर
गिरिडीह वन क्षेत्र में पिछले सात दिनों से चिंता का कारण बने करीब 30 हाथियों के झुंड को आखिरकार सुरक्षित रूप से वन क्षेत्र से बाहर निकाल लिया गया।

सात दिन चला ऑपरेशन, 30 हाथियों का झुंड सुरक्षित निकला गिरिडीह वन क्षेत्र से बाहर
QRT की सतत निगरानी से टला बड़ा खतरा, ग्रामीणों को राहत — नुकसान के मुआवजे की प्रक्रिया होगी शुरू
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : गिरिडीह वन क्षेत्र में पिछले सात दिनों से चिंता का कारण बने करीब 30 हाथियों के झुंड को आखिरकार सुरक्षित रूप से वन क्षेत्र से बाहर निकाल लिया गया। लगातार निगरानी और कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों का झुंड उसरी–बराकर नदी संगम के समीप महेशपुर गांव होते हुए गिरिडीह वन क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकल गया।

हाथियों को सुरक्षित दिशा में ले जाने के पूरे अभियान के दौरान QRT (त्वरित कार्रवाई दल) की टीम लगातार मुस्तैद रही। टीम ने बेहद सावधानी के साथ हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी, ताकि इस दौरान किसी भी ग्रामीण, वन्यजीव या पालतू पशु को नुकसान न पहुंचे।

सात दिनों तक चले इस अभियान में टीम की सतत निगरानी और सावधानी का ही नतीजा रहा कि हाथियों के झुंड को बिना किसी बड़ी अप्रिय घटना के सुरक्षित क्षेत्र से बाहर निकाल लिया गया।
हालांकि, अभियान के दौरान कुछ स्थानों से बाउंड्री एवं मकानों के क्षतिग्रस्त होने तथा फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचनाएं सामने आई हैं।

वन विभाग ने हाथियों से प्रभावित ग्रामीणों एवं अन्य लोगों से अपील की है कि जिनकी संपत्ति या फसल को नुकसान हुआ है, वे निर्धारित प्रपत्र में आवेदन भरकर यथाशीघ्र संबंधित कार्यालय में जमा करें। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया समय पर शुरू की जाएगी।
फिलहाल हाथियों के झुंड के सुरक्षित बाहर निकल जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।



