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सहकारी बैंकों को अधिक से अधिक पैक्सों से जोड़ें, तकनीकी रूप से सक्षम बनाएं और एनपीए को शून्य पर लाएं : मंत्री श्री राम कृपाल यादव

सहकारिता विभाग, बिहार सरकार के माननीय मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने सहकारी बैंकों को अधिक से अधिक पैक्सों से जोड़ने, तकनीकी एवं डिजिटल रूप से सक्षम बनाने तथा ऋण वसूली में तेजी लाकर एनपीए को शून्य पर लाने का निर्देश दिया है।

सहकारी बैंकों को अधिक से अधिक पैक्सों से जोड़ें, तकनीकी रूप से सक्षम बनाएं और एनपीए को शून्य पर लाएं : मंत्री श्री राम कृपाल यादव

पटना : सहकारिता विभाग, बिहार सरकार के माननीय मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने सहकारी बैंकों को अधिक से अधिक पैक्सों से जोड़ने, तकनीकी एवं डिजिटल रूप से सक्षम बनाने तथा ऋण वसूली में तेजी लाकर एनपीए को शून्य पर लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए इन्हें बेहतर वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के साथ कुशल सेवाप्रदाता के रूप में विकसित करना आवश्यक है।

मंत्री श्री राम कृपाल यादव आज दी पाटलिपुत्र सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पटना की वार्षिक आम सभा को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों की पहुंच को अधिक से अधिक पैक्सों तक विस्तारित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों एवं आम लोगों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सके। उन्होंने सहकारिता आंदोलन को और मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सशक्त सहकारिता ग्रामीण विकास की गति को बढ़ाने के साथ वर्ष 2047 तक विकसित बिहार की संकल्पना को बल प्रदान करेगी।

श्री यादव ने सहकारी बैंकों को समय की मांग के अनुरूप तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं में डिजिटलीकरण को तेजी से बढ़ाया जाए और आधुनिक तकनीक के माध्यम से ग्राहकों को सरल, सुगम और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के साथ सहकारी बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में और सुधार करते हुए एक प्रभावी एवं भरोसेमंद सेवाप्रदाता के रूप में विकसित होना होगा।

मंत्री ने ऋण वसूली की समीक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सहकारी बैंकों की वित्तीय सेहत मजबूत करने के लिए ऋण वसूली में तेजी लाना आवश्यक है। एनपीए को न्यूनतम स्तर पर लाते हुए इसे शून्य पर लाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों को वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देना चाहिए।

आम सभा में बैंक के अध्यक्ष श्री रितेश कुमार द्वारा बैंक की उपलब्धियों एवं प्रगति का ब्योरा भी प्रस्तुत किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक की जमा राशि बढ़कर 533.31 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 9.18 प्रतिशत रहा, जो भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक का एनपीए 7.40 प्रतिशत दर्ज किया गया।

माननीय मंत्री द्वारा खाता खुलवाने में शत प्रतिशत आच्छादन करने वाले पैक्सों को सम्मानित भी किया गया।

बैठक में दी पाटलिपुत्र सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष श्री रितेश कुमार, प्रबंध निदेशक श्री अंकित कुमार, बैंक निदेशक मंडल के उपाध्यक्ष एवं निदेशकगण सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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