विद्या भारती इंग्लिश स्कूल में भगवान बिरसा की 150 वां जयंती मनाई गई।
हाता स्थित विद्या भारती इंग्लिश स्कूल मे भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई । साथ ही झारखंड स्थापना दिवस की रजत जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस रंगारंग कार्यक्रम के साथ मनाया गया

विद्या भारती इंग्लिश स्कूल में भगवान बिरसा की 150 वां जयंती मनाई गई।
अभिजीत सेन।
जमशेदपुर /पोटका
हाता स्थित विद्या भारती इंग्लिश स्कूल मे भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई । साथ ही झारखंड स्थापना दिवस की रजत जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस रंगारंग कार्यक्रम के साथ मनाया गया । बिरसा मुंडा जयंती, स्कूल में दो चरणों में मनाया गया । पहले चरण में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा दूसरे चरण में इंट्रा स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच का आयोजन हुआ ।

कार्यक्रम के पहले चरण में विद्यालय के प्राचार्य सलीम आजाद ने छात्र-छात्राओं को बिरसा मुंडा के जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया ।विद्यालय के शिक्षक अमल कुमार दास ने छात्रों को जनजातीय नायकों का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के बारे में जानकारी दिया ।जीसके पश्चात विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा दो आदिवासी नृत्य प्रस्तुत की गई पहले नृत्य में प्राची भक्ति ,भूमिका मंडल ,सृष्टि भक्ति, दीपिका सरदार ,तृषा साव अर्चना गोप , श्रिती दे ,स्वाति गोप स्नेहा मंडल ,रचित माहेश्वरी ने प्रस्तुति दी । दूसरा नृत्य में बबीता कुमारी ,आभा सिंह, शुरू मुखी मांडी ,मिष्टी दास ,सुहानी मंडल ने प्रस्तुति दी ।

बिरसा मुंडा जयंती के पहले चरण में विद्यालय के छात्र सुब्रत दास ,छात्र तृषा भट्टाचार्य तथा नेहा सरदार ने भी बिरसा मुंडा के जीवनी पर सुंदर ढंग से प्रकाश डाला । सभा का संचालन विद्यालय की विज्ञान शिक्षिका शाहिन आजाद द्वारा की गई l
कार्यक्रम के दूसरे चरण में इन्ट्रा स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच कक्षा 9 ए तथा कक्षा 10 बी के बीच हुआ ।कक्षा 9 A के सूर्य भक्ति तथा कक्षा बी के विकास पुराण ने अपने-अपने टीम का कप्तानी किया।
टीम 10 बी टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का निर्णय लिया ।टीम 9 ए ने 79 रन से ओवर में बनाया । 10 बी के टीम के उप कप्तान सोमांतो पाल पाल ने छक्के जड़कर अपने टीम की जीत दिला थी ।स्कूल के प्राचार्य सलीम आजाद ने विजय टीम को ट्रॉफी देकर पुरस्कार किया तथा स्कूल के सचिव सुब्रतो देने मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार विकास पुराण को दिया ।कार्यक्रम को सफल बनाने के में शिक्षक अलोक पाल , शशांक गोप ,संजय महाकुड,आदि का सराहनीय योगदान रहा ।



