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वाराणसी से दिल्ली का सफर होगा और आसान! योगी- अश्विनी वैष्णव ने रवाना की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, जानिए रूट, टाइमिंग और टिकट की पूरी जानकारी

उत्तर प्रदेश और देश की राजधानी दिल्ली के बीच रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

वाराणसी से दिल्ली का सफर होगा और आसान! योगी- अश्विनी वैष्णव ने रवाना की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, जानिए रूट, टाइमिंग और टिकट की पूरी जानकारी

Varanasi New Delhi Vande Bharat Sleeper Train: उत्तर प्रदेश और देश की राजधानी दिल्ली के बीच रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए बनारस-प्रयागराज रामबाग तथा बनारस सिटी-राजातालाब के बीच मेमू ट्रेन सेवाओं की भी शुरुआत की गई। इन नई रेल सेवाओं से लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के साथ-साथ रोजाना सफर करने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आधुनिक सुरक्षा तकनीक, आरामदायक बर्थ और कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

योगी आदित्यनाथ और अश्विनी वैष्णव ने दिखाई वंदे भारत स्लीपर को हरी झंडी

31 अक्टूबर 2026 को बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त रूप से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर बनारस-प्रयागराज रामबाग और बनारस सिटी-राजातालाब के बीच मेमू ट्रेन सेवाओं का भी शुभारंभ किया गया। इन सेवाओं के शुरू होने से वाराणसी और आसपास के इलाकों में रेल संपर्क का विस्तार होगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है। वाराणसी को एक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और 10 मेमू सेवाओं की सौगात मिल रही है।

वाराणसी से दिल्ली तक रात में होगा आरामदायक सफर, यात्रियों का बचेगा समय

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वाराणसी और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस शुरू होने से दोनों महत्वपूर्ण शहरों के बीच रात्रिकालीन रेल संपर्क मजबूत होगा।

अब यात्रियों को लंबी दूरी की रात की यात्रा के लिए आधुनिक और आरामदायक विकल्प मिलेगा। इस ट्रेन की खासियत यह है कि यात्री रात में वाराणसी से सफर शुरू करके अगली सुबह दिल्ली पहुंच सकेंगे। इससे पर्यटन, धार्मिक यात्रा, कारोबार, शिक्षा और प्रशासनिक कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को सुविधा होगी।

रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता है कि गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों को भी बेहतर रेल सुविधाएं मिलें। इसी को ध्यान में रखते हुए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया भी किफायती रखने का प्रयास किया गया है। ट्रेन में यात्रियों के साथ लोको पायलट और अन्य रेल कर्मचारियों की सुरक्षा एवं सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है।

वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का रूट और टाइमिंग क्या है?

नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी और नई दिल्ली के बीच कई प्रमुख शहरों को जोड़ते हुए संचालित होगी। इससे उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण शहरी केंद्रों के बीच भी रेल संपर्क मजबूत होगा।

वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन का समय:

प्रस्थान: वाराणसी रात 8:50 बजे

आगमन: नई दिल्ली अगले दिन सुबह 6:10 बजे

नई दिल्ली से वाराणसी आने वाली ट्रेन का समय:

प्रस्थान: नई दिल्ली रात 9:40 बजे

आगमन: वाराणसी अगले दिन सुबह 7:10 बजे

ट्रेन का निर्धारित रूट:

वाराणसी से प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए यह ट्रेन नई दिल्ली पहुंचेगी।

सप्ताह में छह दिन होगा संचालन

यह वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से चलने वाली ट्रेन शुक्रवार को और नई दिल्ली से रवाना होने वाली ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी।

इस समय-सारणी से यात्रियों को रात में यात्रा करके अगली सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा। इससे दिन का समय भी बचाया जा सकेगा।

वाराणसी को मिली 10 मेमू ट्रेनों की सौगात, स्थानीय यात्रियों को बड़ी राहत

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के साथ वाराणसी क्षेत्र को 10 मेमू सेवाओं की सौगात भी मिली है। बनारस-प्रयागराज रामबाग और बनारस सिटी-राजातालाब के बीच शुरू की गई मेमू सेवाओं का उद्देश्य स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कम दूरी की यात्रा को आसान बनाने के लिए मेमू सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे वाराणसी शहर के विभिन्न क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के साथ प्रयागराज तक बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध होगा।

इन ट्रेनों से रोजाना यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, किसानों और आम नागरिकों को विशेष लाभ मिलेगा। स्थानीय स्तर पर आवागमन आसान होने से लोगों को सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने का विकल्प भी मिलेगा।

विद्यार्थियों के लिए MST टिकट की सुविधा, 95 रुपये में मासिक पास

मेमू ट्रेन सेवाओं के शुरू होने के साथ विद्यार्थियों के लिए मासिक सीजन टिकट यानी MST की सुविधा भी महत्वपूर्ण है।

केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि वाराणसी क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए मासिक सीजन टिकट की कीमत 95 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, वाराणसी से प्रयागराज के लिए मासिक सीजन टिकट 220 रुपये में उपलब्ध होगा।

इस सुविधा से रोजाना पढ़ाई के लिए यात्रा करने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। कम कीमत पर मासिक रेल पास उपलब्ध होने से स्थानीय रेल यात्रा अधिक सुलभ हो सकेगी।

बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर से दिल्ली, लखनऊ, पटना और गुवाहाटी को जोड़ने की तैयारी

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश में हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन नॉर्थ कॉरिडोर के तहत दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, पटना और गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने की योजना है।

केंद्रीय मंत्री ने प्रस्तावित हाईस्पीड रेल परियोजना के संभावित यात्रा समय का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रमुख शहरों के बीच दूरी और यात्रा का समय काफी कम हो सकता है।

प्रस्तावित यात्रा समय इस प्रकार बताया गया:

दिल्ली से कानपुर: लगभग 1 घंटा 45 मिनट

दिल्ली से आगरा: लगभग 59 मिनट

दिल्ली से लखनऊ: लगभग 2 घंटे 12 मिनट

वाराणसी से लखनऊ: लगभग 1 घंटा 21 मिनट

वाराणसी से पटना: लगभग 1 घंटा

वाराणसी से दिल्ली: लगभग 3 घंटे 33 मिनट

रेल मंत्री ने कहा कि इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है और इसमें मेक इन इंडिया की भावना को प्राथमिकता दी जाएगी। यह परियोजना आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ी सौगात साबित हो सकती है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में रेलवे बजट में हुई वृद्धि और राज्य में रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री योगी बोले- आधुनिक रेलवे से सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का सपना हो रहा साकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और नई मेमू सेवाओं की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि नई रेल सेवाओं से आम लोगों की यात्रा अधिक सुविधाजनक और किफायती होगी। मेमू ट्रेनों से किसान, नौजवान, अधिवक्ता, व्यापारी और महिलाएं कम खर्च में यात्रा कर सकेंगे। इससे दैनिक यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। रेलवे में हुए सुधारों के कारण यात्रियों की सुरक्षा बढ़ी है और समयबद्ध संचालन को मजबूती मिली है।

उन्होंने पुराने समय की मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग का जिक्र करते हुए कहा कि पहले इन स्थानों पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। अब रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास जैसी सुविधाओं के विकास से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिली है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा कम करने के साथ लोगों के समय की भी बचत हो रही है।

अलग रेल लाइन बनने से मालगाड़ियों का संचालन हुआ बेहतर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेलवे के आधारभूत ढांचे में किए गए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि मालगाड़ियों के लिए अलग रेल लाइन विकसित करने से माल परिवहन की गति और दक्षता में सुधार हुआ है।

इससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिली है। ट्रेनों की गति बढ़ने से विभिन्न शहरों के बीच यात्रा का समय कम हुआ है और यात्रियों को अपने गंतव्य तक तेजी से पहुंचने की सुविधा मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक रेल अवसंरचना का उद्देश्य केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि यात्रा को सुरक्षित, तेज, सुविधाजनक और समयबद्ध बनाना भी है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, सुरक्षा पर भी खास जोर

वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को विशेष रूप से लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें आधुनिक तकनीक, उन्नत सुरक्षा प्रणाली और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी कई व्यवस्थाएं शामिल हैं।

ट्रेन के डिब्बों का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि रात के सफर में यात्रियों को आरामदायक माहौल मिल सके। इसके साथ ऊर्जा की बचत, बेहतर प्रदर्शन और सुरक्षा के लिए भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

1. ऊर्जा की बचत और आधुनिक तकनीक

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके अलावा डिब्बों के नीचे आधुनिक प्रणोदन प्रणाली और उन्नत वायुगतिकीय डिजाइन की व्यवस्था की गई है।

इन तकनीकों का उद्देश्य ट्रेन के प्रदर्शन को बेहतर बनाना और यात्रा को अधिक सहज एवं आरामदायक बनाना है।

2. आधुनिक डिजाइन और मजबूत कोच

ट्रेन के डिब्बे ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील से बनाए गए हैं। इन्हें EN15227 दुर्घटना सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।

इसके अलावा ट्रेन में पूरी तरह सीलबंद लचीले गैंगवे, केंद्रीय रूप से नियंत्रित स्वचालित स्लाइडिंग प्लग दरवाजे और डिब्बों के अंदर शोर कम करने की व्यवस्था दी गई है।

यात्रियों की सुविधा के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष एलईडी लाइटिंग तथा सेंसर आधारित इंटरकम्युनिकेशन दरवाजे भी लगाए गए हैं।

3. आग और दुर्घटना से बचाव के लिए उन्नत सुरक्षा व्यवस्था

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं।

EN45545 HL3 अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था।

डिब्बों के अंतिम हिस्सों में अग्निरोधी दरवाजे।

ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (TCAS)।

धुआं और आग का पता लगाने वाली प्रणाली।

यात्रियों की निगरानी के लिए CCTV कैमरे।

आपातकालीन स्थिति में अलार्म पुश बटन।

आपदा प्रबंधन के लिए विशेष प्रकाश व्यवस्था।

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत बनाना है।

4. यात्रियों के आराम के लिए खास सुविधाएं

लंबी दूरी की रात की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए ट्रेन में कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

वैक्यूम निकासी प्रणाली वाले आधुनिक और स्वच्छ शौचालय।

दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय।

सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह।

तीन पिन वाले चार्जिंग सॉकेट और स्विच।

टाइप-A और टाइप-C USB चार्जिंग पोर्ट।

चालक, गार्ड और यात्रियों के बीच संचार के लिए PAPIS आधारित प्रणाली।

प्रथम वातानुकूलित श्रेणी में गर्म पानी के साथ शॉवर की सुविधा।

एक्सेस प्वाइंट नेटवर्क के साथ वाई-फाई राउटर।

चालक केबिन में वातानुकूलन।

रेल कर्मचारियों के लिए शौचालय की सुविधा।

इन सुविधाओं के जरिए भारतीय रेलवे का उद्देश्य लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनाना है।

वाराणसी के पर्यटन और कारोबार को भी मिलेगा फायदा

वाराणसी देश के प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल है। यहां सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक, विद्यार्थी, कारोबारी और अन्य क्षेत्रों से आने वाले लोग पहुंचते हैं।

नई दिल्ली के साथ बेहतर रात्रिकालीन रेल संपर्क से वाराणसी आने-जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। धार्मिक पर्यटन के अलावा शैक्षणिक, व्यावसायिक और प्रशासनिक गतिविधियों के लिए भी यह ट्रेन महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

वहीं, स्थानीय स्तर पर 10 मेमू सेवाओं के विस्तार से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा। इससे दैनिक यात्रियों को फायदा मिलने के साथ क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम

वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और नई मेमू सेवाओं की शुरुआत भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक तरफ जहां वंदे भारत स्लीपर लंबी दूरी के यात्रियों को रात में आरामदायक सफर का विकल्प देगी, वहीं मेमू ट्रेनें स्थानीय यात्रियों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगी।

इसके साथ प्रस्तावित बुलेट ट्रेन नॉर्थ कॉरिडोर की योजना भी भविष्य में देश के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा के समय को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब यात्रियों की नजर नई रेल सेवाओं के नियमित संचालन और इनसे मिलने वाली सुविधाओं पर रहेगी।

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