बिहार में 52वीं राष्ट्रीय जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता का आगाज, CM सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटन; राज्य में बनेंगे 20 नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
बिहार में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में 52वीं राष्ट्रीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता-2026 का विधिवत उद्घाटन किया।

बिहार में 52वीं राष्ट्रीय जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता का आगाज, CM सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटन; राज्य में बनेंगे 20 नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
पटना : बिहार में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में 52वीं राष्ट्रीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता-2026 का विधिवत उद्घाटन किया। दीप प्रज्वलित कर प्रतियोगिता की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने देश के अलग-अलग राज्यों से आए खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों का स्वागत किया। यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 1 नवंबर से 4 नवंबर 2026 तक आयोजित की जा रही है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से खेल भावना, अनुशासन और समर्पण के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का आह्वान किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिहार आए विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाए, ताकि वे बिहार की समृद्ध विरासत और यहां के आतिथ्य से परिचित हो सकें।

पाटलिपुत्र खेल परिसर में राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ
पटना स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित 52वीं राष्ट्रीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खिलाड़ियों से मुलाकात की, उनका परिचय जाना और उन्हें प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की धरती पर राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता का आयोजन राज्य के लिए गौरव का विषय है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए खिलाड़ियों का बिहार में हार्दिक स्वागत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी खिलाड़ी पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

खेल से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि खेल केवल शारीरिक गतिविधि नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और देशभर में पहचान बनाने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि कबड्डी भारत की पारंपरिक और लोकप्रिय खेल विधाओं में शामिल है। इस खेल में खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, रणनीति, तालमेल और टीमवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ी पूरे समर्पण और उत्साह के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।

हरियाणा की तरह बिहार के खिलाड़ी भी जीतें ज्यादा से ज्यादा पदक
मुख्यमंत्री ने कबड्डी सहित विभिन्न खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के खिलाड़ी बड़ी संख्या में पदक हासिल करते हैं। बिहार के खिलाड़ियों को भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और अधिक से अधिक पदक जीतने का लक्ष्य रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिहार में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बिहार के खिलाड़ी भी अब विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार बदल रहा है और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खेल के क्षेत्र में भी राज्य को आगे ले जाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

बिहार में बन रहे 20 नए खेल कॉम्प्लेक्स, खिलाड़ियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में खेलों के विकास के लिए खेल अवसंरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य में 20 नए खेल कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं। इन खेल परिसरों के निर्माण से राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण के लिए आधुनिक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। नए खेल कॉम्प्लेक्स बनने से खिलाड़ियों को अभ्यास, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए बेहतर माहौल मिल सकेगा।

दूसरे राज्यों से आए खिलाड़ियों को बिहार के पर्यटन स्थलों का कराया जाएगा भ्रमण
राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने बिहार पहुंचे खिलाड़ियों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों को बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत बेहद समृद्ध है। यहां आने वाले खिलाड़ियों को राज्य के गौरवशाली इतिहास और महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों से परिचित कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेने आई सभी टीमें बिहार की ब्रांड एंबेसडर हैं। खिलाड़ी यहां से बिहार की सकारात्मक छवि और यहां मिले अच्छे आतिथ्य का अनुभव लेकर अपने राज्यों में लौटें। इससे बिहार की पहचान और प्रतिष्ठा को भी बढ़ावा मिलेगा।

विकसित भारत और समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक धरती का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि लगभग दो हजार वर्ष पहले भी गौरवशाली रही है। बिहार की ऐतिहासिक विरासत और गौरव को फिर से स्थापित करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास के साथ-साथ खेलों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि बिहार के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
बलवान सिंह और कॉमनवेल्थ पदक विजेता अर्जुन देशवाल सम्मानित
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कबड्डी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और उपलब्धियों के लिए बलवान सिंह को सम्मानित किया। इसके साथ ही कॉमनवेल्थ पदक विजेता अर्जुन देशवाल को भी सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम में बिहार राज्य कबड्डी संघ के मुख्य संरक्षक अंजनी कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री का अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को सम्मान स्वरूप गदा भी भेंट की गई।
खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह और हरियाणा के मंत्री किशन लाल पंवार भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के मंत्री किशन लाल पंवार और बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बिहार राज्य कबड्डी संघ के मुख्य संरक्षक अंजनी कुमार सिंह, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविन्द्रण शंकरण, खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद, जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा उपस्थित रहे।
इसके अलावा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, खेल पदाधिकारी, प्रशिक्षक और देश के अलग-अलग राज्यों से आए खिलाड़ी भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।
राष्ट्रीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन बिहार के लिए खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और राज्य की खेल सुविधाओं को देशभर में प्रदर्शित करने का अवसर है। 20 नए खेल कॉम्प्लेक्स के निर्माण और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन से बिहार को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।




