Breaking Newsझारखण्डटेक्नोलॉजीताजा खबरदुनियादेशलाइफस्टाइललाइव न्यूज़

बिहार में महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा बोले- प्राकृतिक खेती से मजबूत होगा परिवार और सुरक्षित बनेगा भविष्य

बिहार सरकार महिला किसानों को कृषि की मुख्यधारा से जोड़ने, आधुनिक कृषि तकनीकों और छोटे कृषि यंत्रों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ कौशल विकास पर जोर दे रही है।

बिहार में महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा बोले- प्राकृतिक खेती से मजबूत होगा परिवार और सुरक्षित बनेगा भविष्य

महिला किसान दिवस 2026: बिहार सरकार महिला किसानों को कृषि की मुख्यधारा से जोड़ने, आधुनिक कृषि तकनीकों और छोटे कृषि यंत्रों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ कौशल विकास पर जोर दे रही है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने महिला किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने, सुरक्षित भोजन को बढ़ावा देने और कृषि आधारित उद्यमिता के जरिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की अपील की।

पटना, 15 अक्टूबर 2026। बिहार में महिला किसानों के सशक्तीकरण, कृषि क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। महिला किसान दिवस–2026 एवं अंतर्राष्ट्रीय वर्ष महिला किसान–2026 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि महिला किसानों को सम्मान, समान अवसर और कृषि विकास में उचित भागीदारी दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, उनके कौशल का विकास करने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचीं महिला किसानों को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बीज की बुआई से लेकर रोपाई, निराई, कटाई और फसल प्रसंस्करण तक महिलाएं अहम भूमिका निभाती हैं। महिला किसानों के श्रम, अनुभव और सक्रिय भागीदारी के बिना कृषि क्षेत्र के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। ऐसे में उन्हें कृषि की मुख्यधारा में उचित स्थान देना और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

इस कार्यक्रम में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, विशेष सचिव वीरेंद्र यादव, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, अपर सचिव कल्पना कुमारी सहित विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिला किसान उपस्थित रहीं।

महिला किसान मजबूत होंगी तो परिवार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पुरुष किसानों के समान ही महत्वपूर्ण है। महिला किसान अपने परिश्रम से परिवार की आजीविका चलाने के साथ-साथ राज्य की कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

उन्होंने कहा कि महिला किसान दिवस केवल महिलाओं को सम्मानित करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का भी महत्वपूर्ण मौका है। महिला किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी, कृषि प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और आर्थिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

मंत्री ने कहा कि जब महिला किसान आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। इससे बच्चों की शिक्षा, परिवार के स्वास्थ्य और ग्रामीण समाज की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद मिलती है। सरकार का प्रयास है कि महिला किसानों को कृषि विकास में बराबर की भागीदारी मिले, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ सकें।

आधुनिक कृषि तकनीक और छोटे कृषि यंत्रों से आसान होगा महिलाओं का काम

महिला किसानों की मेहनत कम करने और उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देना जरूरी है। कृषि मंत्री ने कहा कि रोपाई, निराई, कटाई और फसल प्रसंस्करण जैसे कृषि कार्यों में महिलाओं को काफी मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में उनकी जरूरतों के अनुरूप छोटे कृषि यंत्रों और आधुनिक तकनीकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों को आसान बनाने के साथ-साथ महिलाओं की कार्यक्षमता और उत्पादन क्षमता बढ़ाना भी आवश्यक है। इसके लिए महिला किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें कम मेहनत में बेहतर परिणाम मिल सकें।

मंत्री ने मशरूम उत्पादन, उद्यानिकी, कृषि प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्यमिता जैसे क्षेत्रों को महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से महिला किसानों को इन क्षेत्रों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

खेती के साथ कृषि उद्यमी भी बनें महिलाएं

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने महिला किसानों से कृषि कार्यों में योगदान देने के साथ-साथ कृषि उद्यमी के रूप में भी आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कौशल विकास, सरकारी योजनाओं की जानकारी और बाजार से जुड़ाव को मजबूत करना जरूरी है।

मशरूम उत्पादन, बागवानी, कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण और कृषि आधारित छोटे व्यवसाय महिलाओं को आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध करा सकते हैं। उचित प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता मिलने से महिला किसान अपनी कृषि गतिविधियों को रोजगार और स्वरोजगार के साधन के रूप में विकसित कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि महिला किसानों को उपलब्ध अवसरों की जानकारी देना और उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है, ताकि वे अपनी क्षमता के अनुसार कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में अधिक योगदान दे सकें।

प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील, स्वस्थ परिवार और सुरक्षित भविष्य पर जोर

महिला किसान दिवस–2026 के अवसर पर कृषि मंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने महिला किसानों से अपने घर और गांव से प्राकृतिक खेती तथा सुरक्षित भोजन की पहल शुरू करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि मिट्टी का स्वास्थ्य बनाए रखना, पर्यावरण की रक्षा करना और लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना आज की बड़ी आवश्यकता है। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अनुचित एवं अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति किसानों को जागरूक करना जरूरी है। इसके लिए गोबर से खाद तैयार करने और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करने जैसे उपायों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

कृषि मंत्री ने कहा कि महिला किसान अपने परिवार के स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की महत्वपूर्ण संरक्षक हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने घर से ही प्राकृतिक खेती और सुरक्षित भोजन की शुरुआत करें। गोबर से खाद तैयार करें, मिट्टी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और लोगों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अनुचित इस्तेमाल से बचने के प्रति जागरूक करें।

उन्होंने कहा कि जब माताएं और बहनें इस दिशा में आगे बढ़ेंगी, तो गांव-गांव में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। महिलाओं की भागीदारी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

गांव की अन्य महिलाओं और किसानों को भी जागरूक करने की अपील

विजय कुमार सिन्हा ने महिला किसानों से कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास केवल परिवार तक सीमित नहीं रहने चाहिए। महिलाओं को अपने गांव की दूसरी महिलाओं और किसानों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए, ताकि सुरक्षित भोजन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना और प्राकृतिक संसाधनों का उचित उपयोग करना टिकाऊ कृषि के लिए महत्वपूर्ण है। महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी से खेती के ऐसे तरीकों को बढ़ावा दिया जा सकता है, जो पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी हों।

मंत्री ने प्राकृतिक खेती को परिवार के स्वास्थ्य, सुरक्षित भोजन और बेहतर भविष्य से जोड़ते हुए महिलाओं से इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

नारी शक्ति, प्रकृति और कृषि का संबंध भारतीय संस्कृति की पहचान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति को विशेष स्थान दिया गया है। कृषि, प्रकृति और संस्कृति का आपस में गहरा संबंध है। खरीफ, रबी और ग्रीष्मकालीन फसलें देश की अर्थव्यवस्था और जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिला किसानों की भूमिका को पहचान देना, उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना और खेती में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाना आवश्यक है। महिलाओं को सम्मान और समान अवसर देकर कृषि विकास की प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाया जा सकता है।

आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में महिला किसानों की भूमिका अहम

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि महिला किसानों का सम्मान, उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता और कृषि क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, छोटे कृषि यंत्र, कौशल विकास, सरकारी योजनाओं की जानकारी और कृषि आधारित रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। साथ ही प्राकृतिक खेती और सुरक्षित भोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक पहल की जा सकती है।

महिला किसान दिवस–2026 एवं अंतर्राष्ट्रीय वर्ष महिला किसान–2026 के अवसर पर दिया गया संदेश स्पष्ट है कि महिला किसानों को केवल कृषि श्रमिक के रूप में नहीं, बल्कि कृषि विकास की महत्वपूर्ण भागीदार और संभावित कृषि उद्यमी के रूप में भी अवसर मिलना चाहिए। महिला किसानों का सशक्तीकरण परिवार की खुशहाली, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

Related Articles

Back to top button