बस परमिट जांच के दौरान DTO की टीम पर हमला, डीटीओ संतोष कुमार ने JLKM नेता पर लगाया आरोप
जिले में बस परमिट की जांच के दौरान जिला परिवहन विभाग की Enforcement टीम के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है।

बस परमिट जांच के दौरान DTO की टीम पर हमला, डीटीओ संतोष कुमार ने JLKM नेता पर लगाया आरोप
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : जिले में बस परमिट की जांच के दौरान जिला परिवहन विभाग की Enforcement टीम के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) संतोष कुमार ने इस घटना को लेकर JLKM नेता पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान JLKM विधायक का नाम लेते हुए कथित तौर पर टीम को जांच करने से रोका जा रहा था। DTO ने अपनी और अपने स्टाफ की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

‘यह हमारा इलाका है, यहां जांच नहीं करनी है’
DTO संतोष कुमार के अनुसार, बस के परमिट की जांच के दौरान विवाद शुरू हुआ। कहा जा रहा था कि इस जगह पर कोई जांच नहीं करनी है, क्योंकि यह उनका इलाका है। DTO के इस बयान के बाद मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। इस संबंध में JLKM की प्रतिक्रिया भी सामने आना बाकी है।
DTO संतोष कुमार ने कहा कि उन्हें अपनी और अपने स्टाफ की सुरक्षा की चिंता है। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा के मुद्दे पर वह कई बार पुलिस अधीक्षक (SP) से बातचीत कर चुके हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। DTO के इस बयान से परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्राप्त आवेदन के अनुसार, 14 अक्टूबर को शाम करीब 4:55 बजे जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार, मोटरयान निरीक्षक शुभम लाल सिंह, साकेत भारतीय और अन्य कर्मी बस के परमिट की जांच कर रहे थे। इसी दौरान WB51C8298 नंबर की बस की जांच के दौरान कथित रूप से विवाद हुआ।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बस चालक, सह-चालक और कुछ यात्रियों ने Enforcement टीम के सदस्यों के साथ मारपीट की। इस दौरान मोटरयान निरीक्षक शुभम लाल सिंह के सिर पर लोहे की रॉड से हमला किए जाने और उन्हें गंभीर चोट लगने की बात कही गई है।
डुमरी थाना प्रभारी को दिया आवेदन
घटना के बाद DTO की ओर से डुमरी थाना प्रभारी को आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपितों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। आवेदन में घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज की जांच करने का भी अनुरोध किया गया है।
इस मामले में DTO की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। JLKM की प्रतिक्रिया और पुलिस की ओर से सुरक्षा संबंधी शिकायत पर उठाए गए कदमों की जानकारी सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी।




