फतेहपुर बेखौफ हैं खनन माफिया, रात-दिन कर रहे हैं बालू का अवैध खनन

फतेहपुर बेखौफ हैं खनन माफिया, रात-दिन कर रहे हैं बालू का अवैध खनन
विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ से खूब फल-फूल रहा अवैध खनन का कारोबार
शासन को हो रही करोड़ों की क्षति
यूपी: फतेहपुर जिले में बालू के घाटों का संचालन शुरू हो गया है। असोथर थाना क्षेत्र के रामनगर कौहंन स्थित मौरंग खदान में खनन का आलम यह है कि यहां पर एनजीटी के मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए खनन माफिया रातों-दिन मशीनें यमुना नदी में उतार कर अवैध खनन कराने में मस्त हैं। शासन द्वारा खनन मानक के अनुरूप करने के सख्त आदेशों के बावजूद बालू माफियाओं के हौसले क्यों बुलंद है?किसकी शह पर यह आदेशों को दरकिनार कर धज्जियां उड़ाने में लगे हैं? यदि देखा जाए तो अवैध कारोबार में लिप्त यह खनन माफिया मौरंग घाट से लेकर खनिज विभाग के साथ परिवहन विभाग तक इनकी तूती बोलती है। तभी तो इनके हौसले इतने बुलंद है कि रात-दिन दर्ज़नों प्रतिबंधित मशीनों से यमुना नदी की बीच धारा से बेखौफ मौरंग खनन कर ओवरलोड परिवहन करते हैं।

बेरोकटोक इनके ओवरलोड वाहन बिना रॉयल्टी के सड़कों पर फर्राटा भरते रात-दिन देखे जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो, जो वाहन बाहर से आ रहे हैं, उन्हें पुलिस के मुखबिर पल-पल की लोकेशन देकर पास करवाते हैं। इसमें महत्वपूर्ण भूमिका खनिज विभाग के कर्मचारियों की रहती है, क्योंकि इन्हें प्रत्येक गाड़ी से सुविधा शुल्क जो मिलता है। यही हाल विभाग की छापामार टीम का है। टीम के कई सदस्य खनन माफियाओं से सेट है, जो पूरी सूचना देते हैं। मजेदार बात यह है कि शासन को जहां करोड़ों रुपए का चूना लग रहा है। वही प्रशासन के भ्रष्ट तंत्र से खनन माफिया रात-दिन अवैध मौरंग खनन से मालामाल हो रहे हैं। आखिर इस भ्रष्ट तंत्र के पीछे कौन हैं यह एक सवालिया निशान है। फिलहाल यदि इसी तरह खनन माफियाओं के हौसले बुलंद रहे तो भले ही वह मालामाल होते जा रहे। लेकिन शासन को करोड़ों रुपये की क्षति जरूर हो रही है यह एक पेचीदा सवाल है
विजय त्रिवेदी फतेहपुर




