प्रधानाध्यापक अरविंद तिवारी ने प्राप्त किया सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा में प्रमाणपत्र।
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ (टीआईएसएस), मुंबई के आर्माइटी देसाई हॉल में आयोजित 'उमंग फेलोशिप सर्टिफिकेशन सेरेमनी' में झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, टांगराइन (पोटका) के प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार तिवारी को सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा (Social and Emotional Learning - SEL) पर आधारित छह माह की फेलोशिप सफलतापूर्वक पूर्ण करने का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

प्रधानाध्यापक अरविंद तिवारी ने प्राप्त किया सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा में प्रमाणपत्र।
अभिजीत सेन।
जमशेदपुर : टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ (टीआईएसएस), मुंबई के आर्माइटी देसाई हॉल में आयोजित ‘उमंग फेलोशिप सर्टिफिकेशन सेरेमनी’ में झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, टांगराइन (पोटका) के प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार तिवारी को सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा (Social and Emotional Learning – SEL) पर आधारित छह माह की फेलोशिप सफलतापूर्वक पूर्ण करने का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

“नर्चरिंग इमोशनली इंटेलिजेंट क्लासरूम्स” (भावनात्मक रूप से बुद्धिमान कक्षाओं का निर्माण) विषय पर आयोजित इस फेलोशिप का संचालन टीआईएसएस के सेंटर फॉर लाइफलॉन्ग लर्निंग (सीएलएल) और उमंग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को कक्षाओं में भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सहानुभूति और संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षित करना था।
प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद श्री तिवारी ने कहा:
“यह फेलोशिप मेरे लिए केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास, भावनात्मक सशक्तिकरण और संवेदनशील सीख और नई जिम्मेदारी है। इस यात्रा ने मुझे यह विश्वास दिया कि एक शिक्षक केवल ज्ञान का संचारक नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का मार्गदर्शक भी होता है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को वे अपने विद्यालय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, टांगराइन के बच्चों और स्थानीय समुदाय के लाभ के लिए उपयोग करेंगे। उनका मानना है कि भावनात्मक रूप से सुरक्षित कक्षा ही एक बेहतर समाज की नींव रखती है।
श्री तिवारी ने टीआईएसएस, सेंटर फॉर लाइफलॉन्ग लर्निंग और उमंग की पूरी टीम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए अपने विद्यालय परिवार, सहकर्मी शिक्षकों, विद्यार्थियों और सभी शुभचिंतकों का भी धन्यवाद किया, जिनके सहयोग और विश्वास ने इस उपलब्धि को संभव बनाया।
गौरतलब है कि अरविंद कुमार तिवारी झारखंड के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास और भावनात्मक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनकी यह उपलब्धि पूरे पोटका प्रखंड और पूर्वी सिंहभूम जिले के लिए गर्व का विषय है। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से चुने गए शिक्षक शामिल थे।



