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पुस्तक, इंसान से बेहतर इंसान बनाने में मददगार : डॉ मुनीष गोविंद

पुस्तक, इंसान से बेहतर इंसान बनाने में मददगार : डॉ मुनीष गोविंद

पुस्तक, इंसान से बेहतर इंसान बनाने में मददगार : डॉ मुनीष गोविंद

हजारीबाग:ब्यूरो रिपोर्ट 

हजारीबाग: जीवन की मुस्कान किताबें, बहुत बड़ा वरदान किताबें। किताबें केवल हमें सही राह ही नहीं दिखाती बल्कि हमें अपने अतीत से लेकर भविष्य तक की सही जानकारियां भी उपलब्ध कराती है। जब देश के महान क्रांतिकारी भगत सिंह को अंग्रेजों ने फांसी की सजा सुनाई, तब आखिरी लम्हों में भी वह किताब पढ़ रहे थे, इसी से पुस्तक की अहमियत का एहसास होता है। उक्त बातें आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने पुस्तक यात्रा के सातवें दिन बुधवार को विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों में भ्रमण के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पुस्तक यात्रा का उद्देश्य किताबों के प्रति आकर्षण का मंच तैयार करना है, जो उद्देश्य बहुत हद तक सफल भी साबित हो रहा है। इससे पूर्व आईसेक्ट विश्वविद्यालय,

हजारीबाग की ओर से रविंद्रनाथ टैगोर विश्वकला एवं संस्कृति केंद्र तथा वनमाली सृजन पीठ की पहल पर आयोजित विश्वरंग पुस्तक यात्रा बुधवार को गिरिडीह के पारसनाथ इंटर कॉलेज, पारसनाथ डिग्री काॅलेज, झारखंड कॉमर्स इंटर कॉलेज, डुमरी व एसएसकेबी प्लस टू हाई स्कूल डुमरी का भ्रमण किया, जहां पुस्तक यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान मौके पर पुस्तक प्रदर्शनी व रचना पाठ के माध्यम से विद्यार्थियों के बीच किताबों को लेकर जागरूकता फैलाई गई। साथ ही प्रश्नोत्तरी, चित्रकला, निबंध समेत अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गई और विजेता

प्रतिभागियों को मौके पर ही पुरस्कृत किया गया। आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक ने बताया कि दरअसल पुस्तक यात्रा जिस मकसद के साथ शुरू किया गया था, वह बहुत हद तक सार्थक होता दिख रहा है। आईसेक्ट विश्वविद्यालय की ओर से सभी चार स्कूलों व कॉलेजों के प्राचार्य को विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, पुस्तक यात्रा समन्वयक विक्रांत भट्ट, संयोजक विजय कुमार व माधवी मेहता के हाथों पुस्तकें भेंट की गई। साथ ही स्मृति चिन्ह देकर प्राचार्यों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर आईसेक्ट विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक पेश कर पुस्तक के महत्व से मौजूद लोगों को वाकिफ कराया। नुक्कड़ नाटक में भाग लेने वाले विद्यार्थियों में डॉली कुमारी, अनुज कुमार, मो आसिफ रजा, प्रणीत, सुजीत, विमल कुमार निराला, संतोष, राज आर्यण, स्वाति गिरी, प्रियंका, रानी भारती, अनुराधा वर्मा, स्मिता सिंह, भारती, पूजा राणा,

धीरज, अभिषेक, सूजल कुमार, निशांत रंजन, ऋषभ राज समेत अन्य के नाम शामिल हैं। वहीं पुस्तक यात्रा को सफल बनाने में कार्यक्रम समन्वयक विक्रांत भट्ट, संयोजक विजय कुमार, माधवी मेहता, शीत गंगा, रोहित कुमार, संजय कुमार दांगी, प्रीति व्यास, विन्नी प्रिस्का टोप्नो, मो शमीम अहमद, अमित कुमार, डॉ राजकुमार, सन्नी पांडेय, सूरज कुमार, कैलाश प्रसाद, गुलाब कुमार समेत अन्य की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

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