पाल पंचायत संघ कौड़िया ने मनाई सावित्रीबाई फुले जी की जयंती,पहुंचे आसपा नेता अजय सिंह चेरो
सदर प्रखंड अंतर्गत कौड़िया गांव स्थित पावस शिक्षण केंद्र शिक्षा संस्थान में पाल पंचायत संघ कौड़िया के तत्वावधान में शिक्षा की देवी एवं भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई।

पाल पंचायत संघ कौड़िया ने मनाई सावित्रीबाई फुले जी की जयंती,पहुंचे आसपा नेता अजय सिंह चेरो
पलामू | सदर | कौड़िया
पलामू : आज दिनांक 03 जनवरी 2026 (शनिवार) को सदर प्रखंड अंतर्गत कौड़िया गांव स्थित पावस शिक्षण केंद्र शिक्षा संस्थान में पाल पंचायत संघ कौड़िया के तत्वावधान में शिक्षा की देवी एवं भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय मुखिया कुमारी अंजना सिंह चेरो तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में आजाद समाज पार्टी (आसपा) के पूर्व विधायक प्रत्याशी अजय सिंह चेरो उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयुक्त संचालन कौड़िया निवासी रविंद्र पाल एवं शंकर पाल द्वारा किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए आसपा नेता अजय सिंह चेरो ने माता सावित्रीबाई फुले जी के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि
18वीं शताब्दी में जब महिलाओं को शिक्षा का अधिकार नहीं था, तब माता सावित्रीबाई फुले, राष्ट्रपिता ज्योतिराव फुले और फातिमा शेख ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष कर वर्ष 1848 ई. में महिलाओं के लिए भारत का पहला विद्यालय स्थापित किया। उन्होंने सभी जाति-धर्म की महिलाओं को शिक्षा से जोड़कर उनके पैरों में बंधी अशिक्षा की बेड़ियों को तोड़ा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच अजय सिंह चेरो के कर-कमलों द्वारा पुस्तिका एवं कलम का वितरण किया गया, जिससे बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह देखा गया।
कार्यक्रम में पाल समाज के गणमान्य वक्ताओं के साथ-साथ भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी के कई नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से
नागमणि रजक, त्रिपुरारी सिंह चेरो, जिला अध्यक्ष चंदू राम, अनुराग भारती, सुहैल अंसारी, यशवंत पासवान, राहुल कुमार रवि, सूरज कुमार, मंतोष कुमार सहित जिला एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन माता सावित्रीबाई फुले जी के विचारों को आत्मसात करने और समाज में शिक्षा के प्रसार का संकल्प लेकर किया गया।




